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NEET 2020 Result: सामान्य परिवारों के बच्चों ने मचाया धमाल, हालातों से लड़कर अब बनेंगे डॉक्टर

Sat, 17 Oct 2020 04:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : amar ujala
हालात कैसे भी हों, मन में डॉक्टर बनने की ख्वाहिश हुई। इस सपने को पूरा करने के लिए जी जान से जुट गए। शुक्रवार को नीट के नतीजे आए तो यह होनहार भी अगली जमात में खड़े नजर आए। 
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ट्रक चालक का बेटा बनेगा डॉक्टर
मोहित पाल ने नीट में 526 अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि भले ही उनके पिता ट्रक चलाते हों, लेकिन उनका सपना कामयाब न्यूरो सर्जन बनने का है। मूलरूप से रुड़की निवासी मोहित ने रुड़की से ही पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि उन्हें एक बार डेंगू हो गया था। वह रुड़की के अस्पताल में भर्ती रहे। इलाज के दौरान ही उनमें डॉक्टर बनने की ललक पैदा हुई।
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- फोटो : अमर उजाला
हालात रोकते रहे लेकिन रितिका बढ़ती रही
देहरादून के धोरण खास निवासी रितिका वर्मा ने नीट में 604 अंक हासिल किए हैं। उनका सपना डॉक्टर बनने का था। तैयारी में जुट गईं। पिछले साल भी नीट दिया था पर परिणाम अच्छा नहीं रहा। इस दरमियान उनकी मां प्रमिला को ब्रेन स्ट्रोक आया और उन्हें पैरालिसिस हो गया। पर तमाम चुनौतियों के बाद भी रितिका आगे बढ़ती रही और अब वह अपनी मंजिल के करीब हैं। उनके पिता नंद किशोर भारतीय सैन्य अकादमी में बतौर सिविल स्टाफ काम करते हैं। भाई आदर्श बीबीए करने के साथ ही आइटी पार्क में नौकरी भी करता है।

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मैकेनिक की बेटी तमन्ना की डॉक्टर बनने की चाहत होगी पूरी
देहरादून के ब्रहमपुरी निवासी तमन्ना मंसूरी की डॉक्टर बनने की चाहत पूरी होने जा रही है। तमन्ना ने नीट में 602 अंक हासिल किए हैं। तमन्ना की तमन्ना स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ बनने की है। वह लखनऊ के केजीएमसी में दाखिला लेना चाहती हैं। तमन्ना ने बताया कि उनके पिता तस्लीम मंसूरी मोटर मैकेनिक हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। बहरहाल मेहनत के बूते उनके सपनों को मंजिल मिली।
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हालातों से जूझकर साक्षी ने पाए 570 अंक
नीट में सफलता हासिल करने वाली देहरादून के सुभाषनगर निवासी साक्षी मनकू कार्डियक सर्जन बनना चाहती हैं। उनकी प्राथमिकता दिल्ली के मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना है। साक्षी ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कई मुश्किलों का सामना किया। वह बेहद सामान्य परिवार से हैं। मां राजरानी बीमार रहती हैं। उनकी बहन प्राची बच्चों को ट्यूशन पढ़ा किसी तरह परिवार चलाती हैं। इन हालात में डॉक्टर बनने का सपना देखना दूर की कौड़ी थी। पर साक्षी ने अपने परिश्रम के बूते यह कर दिखाया। उन्होंने नीट में 570 अंक हासिल किए हैं।
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