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पिता एनडी तिवारी की अस्थियां विसर्जित करते समय भावुक हुए रोहित, राजनीतिक दलों के लिए कह गए बड़ी बात

Tue, 23 Oct 2018 08:31 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
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रोहित शेखर पिता एनडी तिवारी की अस्थियां विसर्जित करते हुए
उत्तराखंड के पूर्व सीएम स्व. एनडी तिवारी के बेटे आज उनकी अस्थियां विसर्जित करते हुए भावुक हो उठे। उन्होंने अपने पिता के राजनीतिक सफर को लेकर तमाम राजनीतिक दलों के लिए बड़ी बात कह दी। अस्थि विसर्जन के बाद पत्रकारों से बातचीत में रोहित शेखर तिवारी ने कहा कि उनके पिता के जीवन से आज के नेताओं को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन विकास के लिए समर्पित रहा, लेकिन राजनीतिक दलों ने उनके कद के अनुरूप उन्हें सम्मान नहीं दिया। 
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रोहित शेखर पिता एनडी तिवारी की अस्थियां विसर्जित करते हुए
उन्होंने कहा कि उनके पिता स्वयं में विश्वविद्यालय थे। राजनेता और समाजसेवी के रूप में उनका जीवन अद्वितीय रहा। उन्होंने कभी किसी से कोई भेदभाव नहीं किया। रोहित शेखर तिवारी ने अपरोक्ष रूप से भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टियां गरीबी और बेरोजगारी मिटाने सहित विकास से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सत्ता में आती हैं, लेकिन इनके पास प्रशासन को साधने की क्षमता नहीं है। 
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nd tiwari
उन्होंने कहा कि उनके पिता एनडी तिवारी के पास प्रशासन को साधने की अद्वितीय क्षमता थी, जिस कारण वे तीन बार उत्तरप्रदेश और एक बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पर्वत पुत्र के नाम से प्रसिद्ध नारायण दत्त तिवारी की अस्थियां गंगा में विसर्जित कर दी गई। अस्थियां उनके बेटे रोहित शेखर तिवारी ने हरिद्वार स्थित सती घाट पर गंगा में प्रवाहित की। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का लंबी बीमारी के बाद 18 अक्तूबर को निधन हो गया था। 

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rohit shekhar tiwari
रविवार को हल्द्वानी उनका अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार को उनका बेटा रोहित शेखर तिवारी, पत्नी उज्ज्वला, पुत्रवधू अपूर्वा तिवारी, बहन दीपा जोशी अस्थियां लेकर दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर कनखल स्थित सती घाट पहुंचे। जिसके बाद पुरोहित संदीप भक्त ने विधि विधान के साथ अस्थियां गंगा में विसर्जित करवाई। इसके बाद बही में नाम दर्ज करवाया गया। 
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रोहित शेखर पिता एनडी तिवारी की अस्थियां विसर्जित करते हुए
इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात, राजीव महर्षि, अरविंद शर्मा, पंडित पदम प्रकाश शर्मा, सुभाष घई, सुखबीर सिंह, मिंटू पंजवानी, आचार्य वैभव भारद्वाज। पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण ने भी सती घाट पर पहुंचे और एनडी तिवारी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि नारायण दत्त तिवारी की विकासशील सोच के कारण ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विकास की गंगा बही।        
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