उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से जारी शिक्षकों की हड़ताल पर नैनीताल हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत काम पर लौटने का निर्देश दिया है। शिक्षकों के 24 घंटे के अंदर काम पर न लौटने पर सरकार को नई भर्ती करने को कहा है।
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कोर्ट
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हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनोज अधिवक्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यान्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।
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नैनीताल हाईकोर्ट ने हटा दिया राष्ट्रपति शासन
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अधिवक्ता ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ में जनहित याचिका दायर कर कहा कि राज्य में लगभग 72 हजार शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 12 सितंबर से हड़ताल पर हैं, जिससे छात्रों के पठन-पाठन में परेशानी हो रही है।
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हाईकोर्ट भवन नैनीताल
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याचिका में कहा कि शिक्षक हड़ताल नहीं कर सकते हैं। इनकी हड़ताल असंवैधानिक है। खंडपीठ ने पक्षों की सुनवाई के बाद सरकार को आदेशित किया है कि शिक्षक हड़ताल को वापस लें।
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हाईकोर्ट
- फोटो : file photo
काम पर न लौटने पर प्रदेश सरकार को शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर उनके स्थान पर योग्य बेरोजगारों की भर्ती के निर्देश दिए हैं।
मामले में अगली सुनवाई 21 सितंबर बुधवार को तय की है। गौरतलब है कि प्रदेश भर के शिक्षक पिछले 12 सितंबर से हड़ताल कर रहे हैं जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई ठप पड़ी हुई है।