फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस दिन खुलेंगे इस रहस्यमयी मंदिर के कपाट, यहां कुंडली मारकर बैठते हैं नाग, पुजारी भी नहीं करते दर्शन

Tue, 16 Apr 2019 04:26 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देवाल
विज्ञापन
1 of 6
लाटू देवता - फोटो : अमर उजाला
भारत में कई रहस्यमयी मंदिर हैं, लेकिन ये एक ऐसा मंदिर है जहां श्रद्धालु आते तो हैं, लेकिन भगवान के दर्शन नहीं कर सकते। सोमवार को उत्तराखंड के चमोली के वांण गांव के देवी चौक में लाटू देवता मंदिर समिति और आचार्यों ने विधि-विधान से लाटू देवता मंदिर के कपाट खुलने की तिथि 19 अप्रैल को दोपहर 12 बजे निर्धारित की है। 
विज्ञापन

2 of 6
लाटू देवता - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मंदिर समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह ने बताया कि मंदिर के पुजारी खीम सिंह निर्धारित तिथि में पौराणिक मान्यताओं के तहत आंखों पर पट्टी बांधकर लाटू देवता मंदिर के कपाट खोलेंगे। उन्होंने बताया कि कपाटोद्घाटन समारोह को भव्य स्वरूप देने की तैयारियां पूरी कर दी गई है।
विज्ञापन

3 of 6
लाटू देवता - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मान्यता है कि इस मंदिर में पुजारी के अलावा और किसी महिला और पुरुष को प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। श्रद्धालु इस मंदिर परिसर से लगभग 75 फीट की दूरी पर रहकर पूजन करते हैं।

4 of 6
लाटू मंदिर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मंदिर में नागराज अपनी अद्भुत मणि के साथ रहते हैं। जिसे आम लोग नहीं देख सकते हैं। पुजारी भी नागराज के महान रूप को देखकर डर न जाएं इसलिए वे अपने आंख पर पट्टी बांधकर पूजा करते हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
लाटू देवता - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मान्यताओं के अनुसार लाटू देवता मंदिर के अंदर नाग और नागराज मणि के दृश्य को आज तक कोई देख नहीं पाया है, इसलिए लाटू देवता मंदिर के अंदर क्या है। यह आज तक रहस्य बना हुआ है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
लाटू देवता - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मान्यताओं के अनुसान लाटू देवता नंदा देवी के धर्म भाई हैं। वांण गांव 12 साल बाद होने वाली उत्तराखंड की सबसे लंबी पैदल यात्रा श्रीनंदा देवी की राज जात यात्रा का बारहवां पड़ाव है।
 
(अमर उजाला इन तथ्यों की तसदीक नहीं करता है, यह केवल मान्यता के आधार पर पेश किए गए हैं।)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें