आशी नेगी
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भारत में हर वर्ष मई के महीने में मातृ दिवस मनाया जाता है। हमारे जन्म लेने से उनके अंतिम पल तक वो हमारा छोटे बच्चे की तरह ख्याल रखती है। हम अपने जीवन में उनके योगदान की गणना नहीं कर सकते हैं। मां अपनी जिम्मेदारियां बिना रुके और बिना थके निभाती है। मां ही होती है, जो अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करती है और उन्हें गलत रास्ते पर चलने पर एक गुरु की तरह अपने पास बुलाकर समझाती है। जब हमें बोलना भी नहीं आता था, तब भी हमारी तोतली जुबान से हर एक बात समझ जाती थी। मां का सम्मान करो, उससे बड़ा कुछ नहीं। मां के लिए और क्या लिखूं, उसने हमें खुद जो लिखा है।
-आशी नेगी, शिक्षिका