भैया दूज के दिन पवित्र शिव धाम केदारनाथ के कपाट बंद हो गए। लेकिन कपाट बंद होने से पहले मंदिर के गर्भ गृह में ऐसा चमत्कार हुआ कि सब अचंभित हो गए।
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- फोटो : amar ujala
शनिवार को मंदिर समिति और प्रशासन को गर्भगृह के कपाट बंद करने में खासी दिक्कतें हुई। दरवाजे के कुंडे नहीं लग पाए। लाख कोशिशों के बाद भी दरवाजे के कुंडे नहीं लग पाए।
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मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर चांदी लगाई गई हैं। इसलिए कुंड लगाने में खासी दिक्कत हुई।
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कई प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिली तो बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह और वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती ने भगवान केदार के क्षेत्रपाल भकुंड भैरव का आह्वान किया।
कुछ ही पल में भकुंड भैरव अपने पश्वा अरविंद शुक्ला पर अवतरित हुए। देवता द्वारा कुंड को स्पर्श करते ही वह दूसरे कुंडे पर जुड़ गया, जिसके बाद पदाधिकारियों व अधिकारियों की मौजूदगी में ताला लगाया गया। बीकेटीसी सीईओ ने बताया कि शीतकाल में केदारनाथ धाम की सुरक्षा भगवान भैरवनाथ के भरोसे होती है।