फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार: मशहूर गीतकार और कवि गोपालदास नीरज की अस्थियां गंगा में विसर्जित

Wed, 25 Jul 2018 10:02 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
1 of 5
gopaldas neeraj
मशहूर गीतकार और पद्मभूषण से सम्मानित कवि गोपालदास नीरज की अस्थियों को उनके बेटे मिलन प्रभात और पौत्र पल्लव नीरज ने मंगलवार को हरकी पैड़ी पर गंगा में विसर्जित किया। इस दौरान उनके पुत्र ने गोपालदास को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। 
 
विज्ञापन

2 of 5
gopaldas neeraj
मिलन प्रभात मंगलवार को करीब 11 बजे गोपालदास नीरज का अस्थि कलश लेकर शिवालिक नगर स्थित अपने घर पहुंचे। यहां स्थानीय लोगों ने कलश के अंतिम दर्शन कर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद करीब 12 बजे परिजन व उनके प्रशंसक हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पहुंचे। 12 बजकर 20 मिनट पर पुरोहित शैलेश मोहन ने गोपालदास नीरज की अस्थियों को उनके पुत्र मिलन प्रभात और पौत्र पल्लव नीरज से गंगा में प्रवाहित कराया। इसके बाद गंगा सभा में बहीखाते में उनका नाम दर्ज कराया गया। 

 
विज्ञापन

3 of 5
gopaldas neeraj
बाद में पत्रकार वार्ता में मिलन प्रभात ने बताया कि इतनी महान हस्ती का पुत्र होना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि काव्य और गीतकार के रूप उनके अमिट योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए। इस दौरान उनके साथ डा. राकेश सक्सेना, नासिर, ओम बहादुर, जतिन अग्रवाल, आलोक सिन्हा, आरसी अग्रवाल, अनिल कुमार, अश्विनी गर्ग, विजय अग्रवाल, एनके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। 
 

4 of 5
gopaldas neeraj
शरीर दान करना चाहते थे नीरज 
मिलन प्रभात ने बताया कि गोपालदास नीरज मरणोपरांत अपना शरीर दान करना चाहते थे, लेकिन शरीर में इन्फेक्शन होने से उनके पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया था। ऐसे में डाक्टर ने उन्हें शरीर दान करने से मना किया। 
  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
gopaldas neeraj
दो बार सरकार ने किया सम्मानित 
गोपालदास नीरज को फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ गीत लिखने के लिए 1970, 1971 और 1972 में लगातार तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वहीं उन्हें विश्व उर्दू परिषद पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से 1994 में यश भारती एवं एक लाख रुपये पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जबकि वर्ष 1991 में पद्मश्री और वर्ष 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें