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शिवजी ने यहां छिपाया था गणेश का कटा सिर, आज भी है 'सुरक्षित'

Tue, 06 Sep 2016 09:49 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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lord ganesha cut head found in this cave
भगवान गणेश के भक्तों के लिए उत्तराखंड ‌स्थित यह जगह आस्‍था का केंद्र है। कहा जाता है कि भगवान शिव द्वारा क्रोधवश काटा गया गणेशजी का सिर यहीं है।
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patal bhubaneswar cave
हिंदू धर्म में भगवान गणेशजी को प्रथम पूज्य माना गया है। गणेशजी के जन्म के बारे में कई कथाएं प्रचलित हैं।
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patal bhubaneswar cave
कहा जाता है कि एक बार भगवान शिव ने क्रोधवश गणेशजी का सिर धड़ से अलग कर दिया था, बाद में माता पार्वतीजी के कहने पर भगवान गणेश को हाथी का मस्तक लगाया गया था, लेकिन जो मस्तक शरीर से अलग किया गया।

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patal bhubaneswar cave
वह मस्तक शिव ने इस गुफा में रख दिया। 
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patal bhubaneswar cave
पिथौरागढ़ में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा पहाड़ी के करीब 90 फीट अंदर है। यह उत्तराखंड के कुमाऊं में अल्मोड़ा से शेराघाट होते हुए 160 किमी. की दूरी तय करके पहाड़ी के बीच बसे गंगोलीहाट कस्बे में है।
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patal bhubaneswar cave
पाताल भुवनेश्वर गुफा में भगवान गणेश की ‍‍शिलारूपी मूर्ति के ठीक ऊपर 108 पंखुड़ियों वाला शवाष्टक दल ब्रह्मकमल सुशोभित है।
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patal bhubaneswar cave
इससे ब्रह्मकमल से पानी भगवान गणेश के शिलारूपी मस्तक पर दिव्य बूंद टपकती है।

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patal bhubaneswar cave
मुख्य बूंद आदिगणेश के मुख में गिरती हुई दिखाई देती है। मान्यता है कि यह ब्रह्मकमल भगवान शिव ने ही यहां स्थापित किया था।

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patal bhubaneswar cave
स्कंदपुराण में वर्णन है कि स्वयं महादेव शिव पाताल भुवनेश्वर में विराजमान रहते हैं और अन्य देवी-देवता उनकी स्तुति करने यहां आते हैं।
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पाताल भ्‍ाुवनेश्‍वर
यह भी बताया गया है कि त्रेता युग में अयोध्या के सूर्यवंशी राजा ऋतुपर्ण जब एक जंगली हिरण का पीछा करते हुए इस गुफा में आ गए थे तो उन्होंने इस गुफा के अंदर महादेव शिव सहित 33 कोटि देवताओं के साक्षात दर्शन किए थे।
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