फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन्हें रूस से भारत खींच लाया लोकतंत्र का महापर्व, 45 की उम्र में पहली बार किया मतदान

Fri, 12 Apr 2019 02:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal करन दयाल, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
अपने भाई के साथ भूपेश (पीली शर्ट में) - फोटो : अमर उजाला
दुनिया के सबसे बडे़ लोकतांत्रिक देश में गुरुवार को आम चुनाव का प्रथम चरण था। ऐसे में बाहर रहकर काम करने वाले देहरादून के मतदाताओं में से कई अपने घर पहुंचे। दून के ऐसे ही एक मतदाता भूपेश सिंह चौहान हैं, जो रूस से मतदान करने के लिए घर पहुंचे। वह लगभग 29 वर्ष से मास्को में रह रहे हैं।
 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
45 वर्षीय भूपेश का कहना है कि उन्होंने पहली बार मतदान किया। उनका छोटा भाई लोकेश सिंह चौहान भी काशीपुर से मतदान के लिए दून पहुंचा था। शहर के पित्थूवाला के रहने वाले भूपेश वर्ष 1990 में इंजीनियरिंग करने के लिए रूस गए थे।
 
विज्ञापन

3 of 5
इंजीनियरिंग करने के बाद कुछ वर्षों तक वहीं नौकरी की। उसके बाद अपनी फार्मा कंपनी खोल ली। जिसमें लगभग सौ से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। जिनमें से दस भारतीय हैं। भूपेश की पत्नी ली मूलरूप से चीन की हैं। वह भी भारतीय संस्कृति से प्रभावित हैं। 

4 of 5
तब से वह रूस की राजधानी मॉस्को में परिवार के साथ ही रहते हैं लेकिन वहां की नागरिकता नहीं ली। उनका कहना है कि जैसे ही उन्हें पता चला की देश में लोकसभा चुनाव होने हैं तो वह मतदान करने अपने बेटे के साथ दून पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अमर उजाला
भूपेश ने बताया कि आज से पहले उन्होंने कभी अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। उन्हें भारतीय होने पर उन्हें गर्व है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पासपोर्ट की वैल्यू काफी बढ़ी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें