उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी तय होने के बाद चुनावी जंग का आगाज हो गया है। भाजपा में खंडूड़ी और कोश्यारी युग का अंत हो गया है, जबकि पार्टी ने तीन सांसदों को दोबारा मौका दिया है। मोदी लहर पर सवारी को तैयार भाजपा का जोश हाई है, लेकिन वर्ष 2014 में मिली जीत को दोहराने का दबाव भी है। उधर, भाजपा के मिशन रिपीट के सपने को तोड़ने के लिए कांग्रेस ने हैवीवेट चेहरों को उतारा है। आखिरी समय में हरीश रावत को नैनीताल से तो चुनाव लड़ने से इनकार कर रहे प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को टिहरी से उतारकर जंग को रोचक बना दिया है। पार्टी जनरल खंडूड़ी के बेटे मनीष को गढ़वाल में ट्रंप कार्ड मान रही है।