अखाड़ों के संतों के स्नान क्रम की तरह देवताओं का भी तिथि के अनुसार कुंभ स्नान होता है। भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी संस्थापक एवं ज्योतिष डॉ. प्रतीक मिश्र पूरी ने बताया कि मान्यता के मुताबिक 14 अप्रैल से देवों का कुंभ स्नान शुरू होगा और 14 मई तक चलेगा। 14 अप्रैल द्वितीय तिथि पर ब्रह्मा देव अमृत की होरा में स्नान करेंगे। जो लोग इस दिन स्नान करेंगे उन्हें अमृत तत्व की प्राप्ति होगी। बुधवार को शाही स्नान के दौरान सुबह सात बजे के बाद हरकी पैड़ी अखाड़ों के लिए आरक्षित हो गई। ऐसे में सुबह सात बजे तक ही स्नान हरकी पैड़ी पर श्रद्धालु कर पाए। इसके साथ ही सुबह सात बजे हरकी पैड़ी को संतों के लिए खाली कराया गया। सबसे पहले हरकी पैड़ी पर निरंजनी अखाड़ा के संत स्नान के लिए पहुंचे। इसके बाद जूना, अग्नि, आह्वान और किन्नर अखाड़ा स्नान के लिए हरकी पैड़ी पहुंचे। महानिर्वाणी और अटल अखाड़ा स्नान के लिए पहुंचे।