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महाकुंभ 2021: हरिद्वार में शाही स्नान के बाद बाजारों से रौनक गायब, होटल भी खाली, तस्वीरें...

Fri, 16 Apr 2021 10:38 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार में बाजार ओर होटल खाली - फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी से महाकुंभ में धर्मनगरी के होटल, धर्मशाला और बाजारों की रौनक गायब होने लगी है। व्यापारी वर्ग पिछले साल के लॉकडाउन और फिर स्नानों पर प्रतिबंध की मार से नहीं उबर पाया था। अब कोरोना मरीज बढ़ने से श्रद्धालुओं का आना बंद हो गया है। होटलों में यात्री ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। 14 अप्रैल के शाही स्नान के दिन 58 कमरे वाले होटल के मात्र 18 कमरे किराए पर चढ़े थे। वहीं शुक्रवार को मात्र आठ कमरों में यात्री ठहरे थे। 

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होटल एसोसिएशन हरिद्वार के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि हरिद्वार में होटल और धर्मशालाओं में एक लाख 20 हजार यात्री ठहरने की क्षमता है, लेकिन शुक्रवार तक हरिद्वार में मात्र 12 हजार यात्रियों का होटल, धर्मशालाओं में ठहरने का अनुमान है। आने वाले दिनों में यह संख्या और भी कम होने की आशंका है। हरकी पैड़ी से सटे अपर रोड के प्रमुख बाजारों में भी यात्रियों की संख्या में काफी कमी आई है।

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बाजारों की दुकानों पर खरीदार कम हैं। अधिकतर दुकानदार खरीदारों की राह देख रहे हैं। बाजारों की गलियां भी खाली-खाली दिखने लगी हैं। होटल व्यापारी और दुकानदार इसे कोरोना संक्रमण के साथ ही सरकार के नकारात्मक संदेश को कारण मान रहे हैं। 
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खाली पड़ा हरिद्वार रेलवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला
सरकार की गलत नीतियों के चलते एक बार फिर से धर्मनगरी से यात्रियों की संख्या हर दिन कम होती जा रही है। हरिद्वार के फिर से लॉकडाउन जैसे हालात बनने लगे हैं। सरकार को यात्रियों को हरिद्वार तक लाने में सकारात्मक पहल शुरू करनी चाहिए।
- दीपक कपूर, दुकानदार  
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खाली पड़ी हरकी पैड़ी - फोटो : अमर उजाला
14 अप्रैल तक तो कुछ श्रद्धालु नजर आ भी आ रहे थे, जिससे कुछ बिक्री हो जा रही थी, लेकिन शाही स्नान के बाद तो यात्री बहुत कम दिख रहे हैं। इससे उनकी दुकानदारी भी बेहद कम रह गई है। ऐसे में तो वह फिर से सड़क पर आ जाएंगे।
- दीपक सिंह, दुकानदार 

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खाली पड़ी हरकी पैड़ी - फोटो : अमर उजाला
आस्था का महापर्व महाकुंभ चलने के बाद भी होटल व्यवसाय की हालत खस्ता हो गई है। यात्रियों के धर्मनगरी में न आने से कर्मचारियों और अन्य खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। यह सबकुछ सरकार की गलत नीतियों के कारण हो रहा है।
- अंशुल जैन, होटल व्यापारी 
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खाली पड़ी हरकी पैड़ी - फोटो : अमर उजाला
पहले तो सरकार ने एसओपी को ही इतना सख्त बना दिया था कि यात्रियों ने उत्तराखंड से ही मुंह फेर लिया था, जो लोग आना भी चाहते थे, उन्हें नियमों का हवाला देकर बॉर्डर से वापस लौटाया जा रहा था। अब ऐसे हालातों में कौन हरिद्वार आएगा।
- अमित पंजवानी, होटल व्यापारी 
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खाली पड़ी हरकी पैड़ी - फोटो : अमर उजाला
यात्रियों की संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है, जो आ भी रहे हैं, वह भी स्नान करके वापस लौट जा रहे हैं। इससे होटलों के कमरे खाली पड़े हैं। सरकार चाहती तो नियमों में शिथिलता देकर यात्रियों को हरिद्वार आने के लिए प्रेरित कर सकती थी।
- अभिषेक अहलूवालिया, होटल व्यापारी
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