खाली पड़ी हरकी पैड़ी
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यात्रियों की संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है, जो आ भी रहे हैं, वह भी स्नान करके वापस लौट जा रहे हैं। इससे होटलों के कमरे खाली पड़े हैं। सरकार चाहती तो नियमों में शिथिलता देकर यात्रियों को हरिद्वार आने के लिए प्रेरित कर सकती थी।
- अभिषेक अहलूवालिया, होटल व्यापारी