जन्माष्टमी 24 को मनाएं या 25 अगस्त को। इसे लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति है। कुछ पुरोहित 24 अगस्त को जन्माष्टमी मनाने की बात कह रहे हैं, जबकि कुछ 25 अगस्त को जन्माष्टमी होने का तर्क दे रहे हैं।
विज्ञापन
2 of 6
krishna janmashtami
देहरादून के पृथ्वीनाथ मंदिर के पंडित भारत भूषण भट्ट ने बताया कि 24 अगस्त को रात्रि आठ बजे से अष्टमी शुरु हो जाएगी। जन्माष्टमी का पूजन रात्रि 12 बजे ही होगा। 25 अगस्त को शाम 6:15 बजे से रोहिणी नक्षत्र लग जाएगा। इसलिए तब से भी श्रद्धालु पूजन कर सकते हैं। संस्कार परिवार के अध्यक्ष पंडित विपिन जोशी का कहना है कि 24 अगस्त को अष्टमी पड़ रही है। नियमानुसार अष्टमी को ही व्रत होना चाहिए।
विज्ञापन
3 of 6
krishna janmashtami
वहीं पंडित ज्ञानेंद्र पांडे ने बताया कि श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी के दिन हुआ था। इसलिए गृहस्थों को जन्माष्टमी का व्रत अष्टमी के दिन ही रखना चाहिए। यह बात भी समझने योग्य है कि जो लोग संन्यासी और साधु-संत हैं, वे सूर्योदय के हिसाब से जन्माष्टमी मनाएं। वे 25 अगस्त को जन्माष्टमी मना सकते हैं। 25 को नवमी लग जाएगी।
4 of 6
krishna janmashtami
उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता हर्षपति गोदियाल ने 24 अगस्त को व्रत रखने की बात कही है। वहीं, श्री श्याम सुंदर मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी भूपेंद्र चड्ढा ने बताया कि हम वैष्णव परंपरा को मानते हैं। नगर के अधिकतर मंदिर और धार्मिक स्थल 25 अगस्त को जन्माष्टमी मनाने का निर्णय ले चुके हैं।
विज्ञापन
5 of 6
krishna janmashtami
कालिका माता मंदिर समिति के जनसंपर्क अधिकारी प्रतीक मैनी ने बताया कि मंदिर वृंदावन का पंचांग मानता है। इसलिए हम सभी श्रद्धालु 25 अगस्त को ही जन्माष्टमी मनाएंगे। पंचांग विशेषज्ञ वेदांगी नागेंद्र दत्त शाकद्वपीय का कहना है कि श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर शुरू से ही अलग-अलग परंपराएं रही हैं। इसलिए जो पक्के वैष्णव हैं, वे 24 अगस्त को ही व्रत रखते हैं।
लड्डू गोपाल के लिए इस बार बाजार में पंखे, कूलर और ऐसी से लेकर फ्रीज तक आए हुए हैं। यह छोटे-छोटे आइटम बेहद पसंद भी किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं इस बार दुकानदारों ने भी मथुरा, वृंदावन के कलाकारों को विशेष रूप से कान्हा जी की साज-सज्जा के लिए बुलाया है। इस बार बाजार में कान्हा जी के लिए लिए एसी, कूलर, पंखे लाए हैं जो बैटरी से चलते हैं। यह सब सामान बेहद पसंद किया जा रहा है। ये है कीमत : कूलर- 320 रुपये, फ्रीज- 800 रुपये, पंखा-220 रुपये, एसी- 425 रुपये। इस बार कान्हा जी को विशेष रूप से बाजीराव अंदाज में सजाया गया है। सिर पर वैसी ही टोपी, आंखों में नगों का चश्मा और अलग अंदाज में बैठे कान्हा जी बेहद ही खास लग रहे हैं।