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Lohri 2021 : नए कृषि कानून के विरोध में किसानों ने ऐसे मनाई लोहड़ी, जलाई तीनों कानूनों की प्रतियां

Wed, 13 Jan 2021 04:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, ऊधमसिंहनगर
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किसान आंदोलन - फोटो : amar ujala
उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले में किसानों ने लोहड़ी पर्व के मौके पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए तीनों कानूनों की प्रतियां जलाईं। 

 
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किसान आंदोलन - फोटो : amar ujala
रुद्रपुर में तराई किसान संगठन की ओर से किसानों ने लोहड़ी पर्व पर तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। गल्ला मंडी में सभा के आयोजन के बाद गांधी पार्क तक जुलूस निकाला गया। जुलूस में सैकड़ों किसान शामिल रहे।
 
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किसान आंदोलन - फोटो : amar ujala
रुद्रपुर में कृषि कानूनों के खिलाफ निकाले गए जुलूस में किसानों ने  काले झंडे भी दिखाये। जुलूस से पहले रुद्रपुर में कृषि कानूनों के खिलाफ सभा का आयोजन किया गया।
 

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किसान आंदोलन - फोटो : amar ujala
जसपुर भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से कृषि कानूनों की प्रतियां फूंक कर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
 
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किसान आंदोलन - फोटो : amar ujala
बाजपुर शहीद भगत सिंह चौक पर लोहड़ी पर्व पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं गईं। कृषि कानून को रद्द करने और दिल्ली जा रहे किसानों के समर्थन में नारे लगाए।
 
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किसान आंदोलन - फोटो : amar ujala
लोहड़ी के पर्व पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की और कहा कि जब तक ये तीन कानून वापस नहीं लिए जाते आंदोलन खत्म नहीं होगा।
 
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किसान आंदोलन - फोटो : amar ujala
नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा किसानों का आंदोलन 49 वें दिन भी लगातार जारी रहा। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आगामी आंदोलनों की रूपरेखा बनाते हुए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपीं।
 

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किसान आंदोलन - फोटो : amar ujala
सितारगंज में भी बुधवार को लोहड़ी के पर्व पर किसान आंदोलन स्थल पर तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां फूंककर विरोध प्रदर्शन किया और लोहड़ी का पर्व मनाया।  

 
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किसान आंदोलन - फोटो : amar ujala
बताया गया कि दिल्ली और गाजीपुर बॉर्डर पर 18 जनवरी को महिला सम्मान दिवस पर महिला किसान भूख हड़ताल और अनशन पर बैठेंगी। वहीं, इस दिन पूर्ण आंदोलन का महिला किसान नेतृत्व भी करेंगी। इसके बाद 26 जनवरी को किसान लाखों वाहनों के साथ गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे। 
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