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केदारनाथ: हिमालय की तलहटी में मिला ये ताल है बेहद खूबसूरत, तस्वीरें देखकर आना चाहेंगे यहां...

Sun, 25 Oct 2020 11:39 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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- फोटो : अमर उजाला
केदारनाथ से 16 किमी ऊपर दूध गंगा घाटी में हिमालय की तलहटी पर साफ पानी से लबालब पैंया ताल आज भी पर्यटकों की नजरों से ओझल है। ताल में पड़ रही मेरू-सुमेरू पर्वत श्रृंखला की छाया इसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा रही है। एक पखवाड़ा पूर्व जिले के दो युवक पहली बार यहां पहुंचे हैं। इससे पहले गरूड़चट्टी में रह रहे बाबा ही ताल तक पहुंचे थे। 
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- फोटो : अमर उजाला
पर्वत, जल धाराओं और कुंडों की पावन भूमि केदारनाथ से वासुकीताल होते हुए पैंया ताल पहुंचा जाता है। भू-वैज्ञानिकों ने भी इस ताल को नया बताया है। एक पखवाड़ा पूर्व जिले के दो युवक संदीप कोहली और तनुज रावत अपने दो साथियों के साथ केदारनाथ गए थे। वहां से ये लोग वासुकीताल पहुंचे, जहां उन्हें बलराम दास मिले। जो वहां एक गुफा में साधना कर रहे थे। 
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- फोटो : अमर उजाला
यूं तो बाबा बीते पांच वर्ष से गरूड़चट्टी में रह रहे हैं, लेकिन वर्षभर में कुछ समय वे यहां साधना के लिए आते हैं। उन्होंने युवाओं को जानकारी दी कि दूध गंगा घाटी में एक भव्य ताल है, जिसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। लगभग तीन वर्ष पूर्व वे पहली बार पैंया ताल गए थे। 

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- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद संदीप व तनुज वासुकीताल से 7 किमी दूरी तय कर लगभग दो घंटे में पैंया ताल पहुंचे। ताल के चारों तरफ व रास्ते में ब्रह्मकमल, फेन कमल व अन्य कई प्रजाति के फूल खिले हुए थे। इधर, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कवर ने बताया कि पैंया ताल के बारे में जानकारी नहीं हैं। जल्द ही ताल का भ्रमण कर पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। 
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- फोटो : अमर उजाला
गूगल मैप में पैंया ताल नाम से केदारनाथ क्षेत्र में कोई ताल नहीं दिख रहा है, लेकिन चित्रों में जो ताल दिखाई दे रहा है वह केदारनाथ के ऊपर दूध गंगा घाटी में स्थित लग रहा है। जो समुद्रतल से लगभग साढ़े चार से पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर है। यह मजबूत ताल है और इसमें पिघली बर्फ का पानी है, जो साफ है। 
- डा. डीपी डोभाल, भू-वैज्ञानिक वाडिया संस्थान, देहरादून
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