kedarnath, disaster
- फोटो : फाइल फोटो
कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत 18 जून को केदारनाथ पहुंचे और लौटकर उन्होंने जो कुछ बताया, वह पैरों तले जमीन खिसकाने वाला था। कहा कि मैं तुरंत केदारनाथ जाना चाहता था, लेकिन श्रीनगर में भी आपदा का कहर कुछ कम नहीं टूटा था। क्षेत्रीय विधायक होने के नाते लोगों की यहां भी उम्मीदें थी। केदारनाथ जाने की बेचैनी थी, लेकिन श्रीनगर में राहत कार्यों में 20 जून तक फंसा रह गया। 21 जून वो दिन था, जिस दिन केदारनाथ जाने की स्थिति बनी।