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हरि की नगरी में मुस्लिम कर रहे शिव भक्तों की सेवा, जल भरने को उमड़ा छह लाख कांवड़ियों का हुजूम

Fri, 26 Jul 2019 08:48 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार/रुड़की
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हरिद्वार कांवड़ यात्रा - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अब अपने पूरे जोरों पर है। कांवड़ मेले में सांप्रदायिक सद्भाव के रंग भी दिखाई दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को कांवड़ लेकर जा रहे कांवड़ियों का मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वागत किया। उन्हें फल और पेयजल आदि वितरित किए गए। पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने भी शिवभक्तों की सेवा से पुण्य लाभ अर्जित किया। 
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हरिद्वार कांवड़ यात्रा - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को तीनों हाईवे के अलावा अन्य संपर्क मार्ग पूरी तरह से कांवड़ियों के हवाले हो गया। बृहस्पतिवार को करीब छह लाख कांवड़ियों ने हरकी पैड़ी और अन्य घाटों से गंगाजल भरकर वापसी की। एक अनुमान के मुताबिक अब तक एक करोड़ से अधिक कांवडिए जल उठा चुके हैं। 
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हरिद्वार कांवड़ यात्रा - फोटो : अमर उजाला
17 जुलाई से शुरू हुई कांवड यात्रा 30 जुलाई को श्रावण शिवरात्रि को समाप्त होगी। कांवड़ यात्रा के बीच में पंचक लगने से भीड़ कुछ कम हो गई थी। बुधवार को पंचक खत्म होने के बाद बाहरी प्रदेशों से बड़ी संख्या में कांवड़ियों का हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गया। चौपहिया और दुपहिया वाहनों से लाखों कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे। हरिद्वार की सभी पार्किंग पैक नजर आने लगी हैं। 

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हरिद्वार कांवड़ यात्रा - फोटो : अमर उजाला
शहर में चारों तरफ भगवाधारी नजर आ रहे हैं। हरकी पैड़ी और अन्य गंगा घाट अब दिनरात कांवड़ियों की भीड़ से गुलजार है। बृहस्पतिवार को लाखों शिवभक्तों ने गंगाजल भरकर वापसी की। हरिद्वार-दिल्ली, हरिद्वार-नजीबाबाद, हरिद्वार लक्सर हाईवे पर वापसी करने वाले शिवभक्तों की कतार टूटने का नाम नहीं ले रही है। 
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हरिद्वार कांवड़ यात्रा - फोटो : अमर उजाला
हाईवे के अलावा रोशनाबाद, धनौरी-भगवानपुर मार्ग से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए लौट रहे हैं। हर तरफ बोल बम के उद्घोष सुनाई दे रहा है। इस बार पुलिस प्रशासन ने सभी डाक कांवड़ियों के वाहन बैरागी पार्किंग में पहुंचा दिए हैं। 
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हरिद्वार कांवड़ यात्रा - फोटो : अमर उजाला
पहले डाक कांवड़ के वाहन हाईवे के साथ कनखल, मध्य हरिद्वार के साथ भेल के खाली मैदानों में खड़े हो जाते थे। हाईवे के साथ गलियों में डाक कांवड़ वाहन खड़े होने से अव्यवस्था हो जाती थी। इस बार हाईवे और गलियों में डाक कांवड़ वाहन नजर नहीं आ रहे हैं। 
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