हिमनगरी मुनस्यारी आज कल कश्मीर घाटी में खिलने वाले विदेशी प्रजाति के ट्यूलिप फूलों की खुशबू से महक रहा है। वन विभाग की और से मुनस्यारी में विकसित की गई नर्सरी में इन दिनों ट्यूलिप के आकर्षक रंग-बिरंगे फूल खिले हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
वन विभाग का कहना है कि पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में पातलथौड़ और खलिया टॉप में विकसित की गई ट्यूलिप की नर्सरी से जल्द ही फूलों को औद्यानिकी से जुड़े काश्तकारों को उपलब्ध कराया जाएगा।
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वर्ष 2018 में उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाई जाने वाली बहुमूल्य प्रजाति की जड़ीबूटियों धूप, गुग्गुल, मेयल, कुश, कुटकी, अतीस, ब्रह्मकमल, पुष्कर मूल को संकटग्रस्त और लुप्त प्राय पाया गया था।
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वन अनुसंधान केंद्र ने इनके संरक्षण और संवर्द्धन के लिए जैव विविधता से परिपूर्ण खलिया टॉप का चयन किया। वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने खलिया और पातलथौड़ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का विस्तृत अध्ययन किया। इसके बाद यहां नर्सरी तैयार की गई है।
केंद्र के रिसर्च रेंजर पर्वतीय क्षेत्र नैनीताल केआर टम्टा ने बताया कि नर्सरी में लगाया गए ट्यूलिप पुष्प उगने में सफल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि अब नर्सरी का विकास किया जाएगा और व्यापक स्तर पर ट्यूलिप के पौधों का रोपण किया जाएगा।