हरिद्वार में कांवड़िये
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अंशुल बताते हैं कि बचपन से ही उनका दादी के प्रति असीम प्रेम है। दादी भी उसे परिवार में सबसे अधिक प्यार करती हैं। दादी की और लंबी उम्र व सलामती के लिए इस बार हरिद्वार से गंगाजल लेने आए थे। उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह हरिद्वार से चार कलश में 60 लीटर गंगाजल उठाया है।