नीम करौली बाबा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
लैरी ने परोपकार को ही अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया। उन्होंने सेवा संस्थान की स्थापना कर चीन, नेपाल, भारत, बांग्लादेश, कंबोडिया, तंजानिया, इथियोपिया और ग्वाटेमाला में तीस लाख नेत्र दिव्यांगों को आंखों की रोशनी लौटाने, भारत व श्रीलंका में पोलियो उन्मूलन, सुनामी प्रभावितों की मदद जैसे दर्जनों जनहित के अभियान चलाए। भारत के मदुरै में अरविंद नेत्र अस्पताल की स्थापना में उनका विशेष योगदान रहा। उनके कार्यों से प्रभावित होकर गूगल ने उन्हें अपना कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया। जलवायु परिवर्तन, महामारी, जल सुरक्षा के लिए ईबे के संस्थापक जेफ स्कॉल ने उन्हें स्कॉल ग्लोबल थ्रेट्स फंड का सीईओ बनाया। मिशिगन विवि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य का प्रोफेसर नियुक्त किया।