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दिन होते ही सोने का बन जाता है ये पर्वत, आप भी देखिए...

Mon, 19 Sep 2016 08:34 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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kailas mount
यह पर्वत शिव-पार्वती का घर माना जाता है। सदियों से देवता, दानव, योगी, मुनि और सिद्ध महात्मा यहां तपस्या करते आए हैं। हर साल यहां हजारों भक्त दर्शन को पहुंचते हैं।
 
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इतना ही नहीं, कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान पर्वत पर बर्फ से 'ऊं' बन जाता है
 
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kailas mount
सूर्य की पहली किरण जब कैलाश पर्वत पर पड़ती है तो वह सोने जैसा प्रतीत होता है। कहा जाता है कि ब्रह्मा ने अपने मन-मस्तिष्क से मानसरोवर बनाया है। दरअसल, मानसरोवर संस्कृत के मानस (मस्तिष्क) और सरोवर (झील) शब्द से बना है।
 

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कैलाश मानसरोवर की यात्रा में हर कदम बढ़ाने पर दिव्यता का अहसास होता है। ऐसा लगता है मानो एक अलग ही दुनिया में आ गए हों।
 
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kailas mount
मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति मानसरोवर (झील) की धरती को छू लेता है, वह ब्रह्मा के बनाये स्वर्ग में पहुंच जाता है और जो व्यक्ति झील का पानी पी लेता है, उसे भगवान शिव के बनाये स्वर्ग में जाने का अधिकार मिल जाता है।
 
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कैलास मानसरोवर यात्रा - फोटो : अमर उजाला
कहा जाता है कि ब्रह्ममुहुर्त (प्रात:काल 3-5 बजे) में देवता गण यहां स्नान करते हैं।
 
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कैलास मानसरोवर - फोटो : file photo
ग्रंथों के अनुसार, सती का हाथ इसी स्थान पर गिरा था, जिससे यह झील तैयार हुई, इसलिए इसे 51 शक्तिपीठों में से भी एक माना गया है।
 
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कैलास मानसरोवर - फोटो : file photo
गर्मी के दिनों में जब मानसरोवर की बर्फ पिघलती है, तो एक प्रकार की आवाज भी सुनाई देती है। श्रद्धालु मानते हैं कि यह मृदंग की आवाज है। एक किंवदंती यह भी है कि नीलकमल केवल मानसरोवर में ही खिलता और दिखता है।
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