जोशीमठ में जमीन में दरारें
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वहीं दीपा देवी, गीता देवी, राखी देवी, सुंद्री देवी का कहना है कि इस मोहल्ले में विवाह कर आने वाली दुल्हनें धारा पुजाई की रस्म को इसी स्रोत पर पूजती थीं। आज तक कभी इसमें पानी कम नहीं हुआ लेकिन अब अचानक यह सूख गया है। इससे आशंका है कि प्राकृतिक स्रोत का पानी भी दरार में समा रहा होगा।