जोशीमठ
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वैज्ञानिकों ने जांच के दौरान यह भी पाया कि ताजा भू-धंसाव का एक खास सीढ़ीदार पैटर्न है। अमर उजाला की टीम ने भी देखा कि सुनील के ठीक नीचे मनोहरबाग है, जहां सबसे ज्यादा घरों में दरारें पड़ीं हैं। उसके ठीक नीचे सिंहधार वार्ड है, जहां दो क्षतिग्रस्त होटल तोड़ने की कार्रवाई मंगलवार से शुरू हो गई। उसके ठीक नीचे जेपी कॉलोनी है, जहां सबसे ज्यादा और गहरी दरारें पड़ी हैं।