घरों में पड़ी दरारें
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लोगों से जनसंपर्क भी किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन के साथ आगे की योजना को लेकर भी काम करेगी। उन्होंने बताया कि यहां से डाटा एकत्रित किया जाएगा। ताकि भविष्य में कहीं इस तरह की घटना होती है तो हमारे पास पूरी जानकारी होगी जिसका उपयोग किया जा सकेगा। अभियान 10 फरवरी तक अभियान चलेगाा।