कृष्ण जन्माष्टमी
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जन्माष्टमी पर प्रत्येक साल मध्यरात्रि में कृष्ण के जन्म के बाद उनके बाल रूप की मूर्ति का अभिषेक कर वस्त्र पहनाए जाते हैं। इसके बाद एक पालने में लड्डू गोपाल को रखा जाता है। कई समुदाय जन्माष्टमी पर नृत्य-नाटक भी आयोजित करते हैं, जिन्हें रास लीला या कृष्ण लीला कहा जाता है। हालांकि, कोरोना के चलते इस साल बड़े स्तर पर नृत्य नाटिकाओं का आयोजन नहीं किया जा रहा है।