विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व में उन्हें विश्वसनीय और बहुत करीबी माना जाता था। उनके निधन से पूरे देश के शोक समाज संत समाज में भारी शोक छा गया है। हरिद्वार के प्रमुख संत ब्रह्म स्वरूप, ब्रह्मचारी सतपाल, ब्रह्मचारी ऋषि स्वरानंद, आनंद कैलाशानंद ब्रह्मचारी सहित अनेक संतों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।