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राम मंदिर निर्माण से जुड़े हुए थे महंत जगतगुरु हंसदेवाचार्य, जानिए उनसे जुड़ी खास बातें...

Sat, 23 Feb 2019 08:27 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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jagadguru ramanandacharya hansdevacharya - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार सुबह हरिद्वार निवासी महंत जगतगुरु हंसदेवाचार्य जी की फॉर्च्यूनर कार ट्रक में जा भिड़ी। यह हादसा सुबह 5 बजे उन्नाव के पास हुआ। लखनऊ पीजीआई में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जगतगुरु हंसदेवाचार्य महाराज देश के चोटी के संतों में गिने जाते थे। उनका हरिद्वार में भीमगौड़ा के पास जगन्नाथ धाम नाम से आश्रम है। वह लंबे समय से अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री चले आ रहे थे।
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जगतगुरु हंसदेवाचार्य जी
इस समय देश में चल रही श्री राम मंदिर निर्माण संबंधी गतिविधियों से स्वामी बहुत नजदीक से जुड़े हुए थे। दिसंबर और जनवरी में अयोध्या तथा दिल्ली में हुए बड़े-बड़े संत सम्मेलनों के आयोजन में स्वामी जी का अहम हाथ रहा था।
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डेमो - फोटो : डेमो
प्रयाग में चल रहे अर्धकुंभ में वह अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनाने की संतों की मुहिम को गति देने में जुटे थे। हादसे के वक्त भी स्वामी जी प्रयाग से ही लौट रहे थे। उनके सभी राजनीतिक दलों में शीर्ष नेताओं से बहुत नजदीकी संबंध थे।

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vhp
विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व में उन्हें विश्वसनीय और बहुत करीबी माना जाता था। उनके निधन से पूरे देश के शोक समाज संत समाज में भारी शोक छा गया है। हरिद्वार के प्रमुख संत ब्रह्म स्वरूप, ब्रह्मचारी सतपाल, ब्रह्मचारी ऋषि स्वरानंद, आनंद कैलाशानंद ब्रह्मचारी सहित अनेक संतों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उन्हें अपना आध्यात्मिक गुरु बताते हुए कहा कि यह देश के लिए बड़ी क्षति है। स्वामी हंसदेवाचार्य देश के बड़े मार्ग दर्शक रहे हैं। हंसदेवाचार्य सामाजिक सरोकारों में भी विशिष्ट स्थान रखते थे।
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haridwar - फोटो : instagram
वैष्णव रामानंद संप्रदाय के श्री जगद्गुरु रामानंदाचार्य हंसदेवाचार्य का हरिद्वार से करीब 40 वर्ष पुराना नाता था। वह मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले के दुजाना गांव निवासी थे। उन्होंने 14 वर्ष की आयु में वैराग्य धारण कर लिया था। जिसके बाद वह ऋषिकेश मनीराम जगरनाथ धाम आश्रम में अपने गुरु पूरण जी महाराज के पास आ गए थे। 
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