संजय गुंज्याल
गुंज्याल कहते हैं कि पहाड़ पर झुककर चलना होता है। ये हमें विनम्र रहना सिखाते हैं। पहाड़ी जीवन शैली की ये अनूठी खूबी है। ये उन्हें प्रकृति से प्राप्त हुई है। ये हमें सिखाते हैं कि आप कितनी भी ऊंचाई पर चलें जाएं, वहां से एक दिन उतरना ही होगा। एवरेस्ट की चोटी को फतह करने से ज्यादा हर पर्वतारोही के लिए यात्रा अहम होती है। उपलब्धि के उन चंद पलों के लिए एक लंबी, जानलेवा और सांसें उखाड़ देने वाली यात्रा में हमारी एकजुटता, विवेक, धैर्य, सहानुभूति और साहस की हर क्षण परीक्षा होती है।