रामायण वाटिका
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वाटिका में चित्रकूट की कंटकारी, असन, श्योनक, ब्राह्मी, दंडकारण्य की अर्जुन, टीक, पाडल, गौब, बाकली, पंचवटी की सेमल, सफेद तिल, तुलसी, किष्किंधा की चंदन रक्त, चंदन ढाक, नक्तमलका, मंदारा, मालती, मल्लिका, कमल, अशोक वाटिका की नागकेशर, चंपा, सप्तर्णी, कोविदारा, द्रोणागिरी की संजीवनी, विश्ल्यकरणी, संधानी, सुवर्णकर्णी, रुद्रवंती और जीवंती समेत अन्य कई प्रकार की वनस्पतियों को मिलाकर कुल 149 वनस्पतियों को संरक्षित किया गया है।