शादी की 25वीं सालगिरह पर किसी माता-पिता के लिए इससे बड़ा तोहफा और क्या हो सकता है कि उनका बेटा फौज में अफसर बनकर मातृभूमि की रक्षा का संकल्प ले।
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vipin semwal
यही खुशी मिली है रुद्रप्रयाग, जखोली ब्लॉक के जगतराम सेमवाल और माधुरी सेमवाल को उनकी सिल्वर जुबली पर, जब बेटे ने जीवन में उन्हें सबसे यादगार तोहफा देकर उनकी शादी की सालगिरह के जश्न को कई गुना बढ़ा दिया।
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शनिवार को फौज में अफसर बनकर विपिन सेमवाल ने मां-पिता के सपने को साकार किया।
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पट्टी बांगर के 12 गांवों में पहले सैन्य अफसर बने विपिन सेमवाल को इस वर्ष मिस्टर आईएमए के खिताब से भी नवाजा जा चुका है।
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passing out parade ima dehradun
- फोटो : AnilDogra/AmarUjala
परिवार में दो ताऊ फौज में थे, तो विपिन का मन भी सेना में अफसर बनने को मचलता।
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- फोटो : AnilDogra/AmarUjala
ऑल सेंट्स कान्वेंट्स स्कूल नई टिहरी से स्कूलिंग के बाद उन्होंने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी से बीटेक किया। 2015 में सीडीएस के जरिये वह भारतीय सेना के लिए चुने गए।
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- फोटो : AnilDogra/AmarUjala
कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह शनिवार को बतौर अफसर सेना में शामिल हुए। पिता जगतराम सेमवाल और मां माधुरी ने कहा कि विपिन ने उन्हें जीवन का सबसे अच्छा तोहफा दिया है।