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समरजहां हत्याकांड: आखिर कत्ल के लिए क्यों चुना मंगलवार का दिन? ऐन वक्त पर इसलिए बदली वारदात की जगह

Sun, 12 May 2019 09:53 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में हत्या - फोटो : अमर उजाला
समरजहां हत्याकांड में पुलिस ने राकेश गुप्ता के बेकसूर होने के दावे को झूठा करार दिया है। पुलिस का कहना है कि समरजहां की हत्या के लिए मंगलवार का दिन पूरी साजिश के तहत चुना गया था, ताकि बाप-बेटे पर किसी तरह का शक ना हो। दरअसल राकेश गुप्ता इस दिन समरजहां के साथ देहरादून में ही रहता था। बाकी छह दिन समरजहां दून में अकेली रहती थी। घटना के बाद दोनों बाप बेटे ही समरजहां को अस्पताल ले गए, ताकि किसी को उनपर शक न हो।
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पुलिस हिरासत में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि समरजहां का बढ़ता प्रभाव पूरे परिवार की टेंशन बढ़ा रहा था। हत्या के लिए मंगलवार का दिन जानबूझकर चुना गया। मंगलवार को मुजफ्फरनगर में साप्ताहिक बंदी रहती है। इसी दिन दवा कारोबारी राकेश गुप्ता देहरादून आता था। हत्या वाली रात दोनों बाप-बेटे घटनास्थल के आसपास ही थे। घटना के तुरंत बाद दोनों वहां आए और घायल समरजहां को अस्पताल ले गए। 
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हत्या का खुलासा करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एसपी ने कहा कि यदि इस साजिश में कार्तिक अकेला होता तो कम से कम वह हत्या के लिए मंगलवार का दिन नहीं चुनता, क्योंकि इस दिन राकेश गुप्ता का अधिकांश समय समरजहां के साथ गुजरता था। ऐसे में वह पिता के सामने उसकी महिला मित्र की हत्या कराने की हिमाकत नहीं कर पाता। बकौल पुलिस अधीक्षक इसके पीछे गुप्ता की परिवार की साजिश थी, ताकि पुलिस सीधे तौर पर उन पर शक ना कर सके।

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समरजहां का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पिता से अवैध संबंधों के चलते कार्तिक की आंखाें में खटक रही समरजहां उर्फ रिहाना की हत्या पहले किराए के फ्लैट में करने की थी। सुपारी लेने वाला बदमाश फ्लैट की रेकी भी कर चुका था। लेकिन, घटना वाली रात तक समरजहां इस फ्लैट में शिफ्ट नहीं हुई थी, इसीलिए प्लान बदलना पड़ा। बाद में हत्या के लिए रात का समय चुना गया, ताकि फरार होने में आसानी रहे। हत्या के बाद बाकी काम कार्तिक ने पूरी प्लानिंग से किया, ताकि पुलिस उस पर शक ना कर सके। 
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समरजहां का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे के मुताबिक दवा कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता के बेटे कार्तिक गुप्ता के मन में समरजहां के खिलाफ नफरत का गुब्बार था। सितंबर माह में कार्तिक ने एक बदमाश से जल्द किसी का कत्ल कराने की बात कही थी। बदमाश ने नाम पूछा तो कार्तिक ने सही समय पर बताने को कहा था। बदमाश से अप्रैल के पहले सप्ताह में मुलाकात हुई तो कार्तिक ने समरजहां के खिलाफ पूरा जहर उगल दिया। 
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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सौदेबाजी होने के बाद अप्रैल के अंतिम सप्ताह में सुपारी किलर अपने साथी के साथ उसके रेस्टोरेंट पर आया, जहां पर समरजहां की पहचान कराई गई। कार्तिक उन्हें उस फ्लैट पर भी ले गया, जो समरजहां के लिए किराए पर लिया गया था। इसी फ्लैट में समरजहां की हत्या का प्लान तैयार किया गया। समरजहां किन्हीं कारणों से फ्लैट में शिफ्ट होने की बात को टाल रही थी। एसपी चौबे ने बताया कि कार्तिक जल्द से जल्द समरजहां को ठिकाने लगाना चाहता था, इसलिए सुपारी लेने वाले पर हत्या का दबाव बनाया गया। इसके बाद आनन-फानन में योजना बदलकर रात के अंधेरे में समरजहां की रेस्टोरेंट के पास ही हत्या कर दी गई। 
 
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