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समरजहां हत्याकांडः पढ़िए 'नाजायज प्यार' के खूनी अंत पर पुलिस के खुलासे की 10 बेहद अहम बातें

Sat, 11 May 2019 05:56 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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समरजहां का फाइल फोटो
समरजहां की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके साथ लिव इन में रहने वाले राकेश गुप्ता, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया है। आइए जानते हैं इस हत्याकांड में पुलिस द्वारा किए गए खुलासे की 10 अहम बातें...
 
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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
पुलिस का कहना है कि समरजहां से साथ लिव इन में रहने वाले राकेश गुप्ता, उसकी पत्नी और बेटे ने सोची समझी साजिश के तहत सुपारी देकर कराई थी। लेकिन, समरजहां पर फायरिंग करने वाला मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस का दावा है कि कार्तिक गुप्ता ने माता-पिता की मौन स्वीकृति के बाद चार लाख रुपये में सुपारी दी थी। इसमें से दो लाख एडवांस दिए गए थे। पुलिस के अनुसार इसमें से कुछ रकम कार्तिक को माता-पिता ने ही उपलब्ध कराई थी। मुख्य आरोपी की तलाश में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस की दबिश चल रही है।
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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
समरजहां और राकेश गुप्ता के संबंधों को लेकर गुप्ता परिवार में कड़वाहट है। इसी आधार पर गुप्ता के परिवार से पूछताछ की गई। एसएसपी के अनुसार जांच में पता चला कि हत्या में मुजफ्फरनगर के एक गैंग का हाथ हो सकता है। इसी आधार पर देवबंद से मोमिन त्यागी नाम के युवक को पकड़ा गया। उसके माध्यम से उसकी कार्तिक गुप्ता से मुलाकात हुई थी। उस समय कार्तिक ने बताया कि उसके पिता के समरजहां से अवैध संबंध हैं, जिससे परिवार में अक्सर झगड़ा होता है और इससे उसकी मां काफी तनाव में है।
 

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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
समरजहां की हत्या का सौदा चार लाख रुपये में तय हुआ। इनमें से दो लाख रुपये 29 अप्रैल को कार्तिक ने सहस्त्रधारा रोड स्थित अपने रेस्टोरेंट के पास दिए। उसी दिन कार्तिक ने उसे समरजहां का फ्लैट भी दिखाया था। छह मई को रैकी करने के बाद सात मई की रात कार में आए मुख्य आरोपी ने समरजहां की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। पुलिस हिरासत में कार्तिक गुप्ता ने कहा कि समरजहां की हत्या का उसे भी अफसोस है, लेकिन यह सब उसे मजबूरी में करना पड़ा। करीब एक साल से परिवार में तनाव के साथ बदनामी हो रही थी। अब उसकी मांगें बढ़ने लगी थीं, जिससे हर कोई तनाव में था। 
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देहरादून में हत्या
समरजहां की हत्या के आरोप में गिरफ्तारी पर दवा कारोबारी राकेश गुप्ता पुलिस हिरासत में आपा खो बैठे। उन्होंने कहा कि यदि समरजहां की हत्या की साजिश की पहले भनक लग जाती तो वह बेटे कार्तिक का गला घोंट देते। उन्होंने कहा कि हत्या के लिए जिम्मेदार हर शख्स के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन वह पूरी तरह बेकसूर हैं। पुलिस ने समरजहां हत्याकांड का खुलासा करते हुए शुक्रवार सुबह आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। दवा कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता का कहना था कि उन्हें समरजहां की हत्या का दूर तक अंदेशा नहीं था। 
 
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मृतक महिला समरजहां
पिता से अवैध संबंधाें के चलते कार्तिक की आंखाें में खटक रही समरजहां उर्फ रिहाना की हत्या पहले किराए के फ्लैट में करने की थी। सुपारी लेने वाला बदमाश फ्लैट की रेकी भी कर चुका था। लेकिन, घटना वाली रात तक समरजहां इस फ्लैट में शिफ्ट नहीं हुई थी, इसीलिए प्लान बदलना पड़ा। बाद में हत्या के लिए रात का समय चुना गया, ताकि फरार होने में आसानी रहे। हत्या के बाद बाकी काम कार्तिक ने पूरी प्लानिंग से किया, ताकि पुलिस उस पर शक ना कर सके। 
 
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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
पहले रुड़की में समरजहां की हत्या की योजना थी। डेढ़ साल से राकेश गुप्ता ने समरजहां को रुड़की में किराए के कमरे में रखा हुआ था। बदमाश समरजहां के आवास की रेकी भी करके चले गए थे, लेकिन किन्हीं कारणों से योजना फेल हो गई। इसके बाद देहरादून में उसे मारने की योजना को अंतिम रूप दिया गया। दवा कारोबारी राकेश गुप्ता ने रुड़की में समरजहां का नाम बदलकर अंजू रख दिया था। बाकायदा इसी नाम से समरजहां का आधार कार्ड और अन्य आईडी बनवा दी थी। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि पुलिस को समरजहां का अंजू के नाम से बना आधार कार्ड भी मिल गया है।  
 

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समरजहां का फाइल फोटो
समरजहां दवा कारोबारी पर बोझ बनने के बजाय अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी। समरजहां की इसी मांग को पूरा करने के लिए बुटीक सेंटर खोला जा रहा था। गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वे समरजहां को छह-सात साल से जानता था। मुजफ्फ रनगर में समरजहां का उसकी दुकान पर आना जाना था, जिस कारण दोनों में दोस्ती हो गई थी। परिवार को इसकी भनक थी। समरजहां कुछ दिन से यह जरूर कह रही थी कि उसे बुटीक सेंटर खोलना है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सके। 

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समरजहां का फाइल फोटो
कार्तिक गुप्ता ने कत्ल की सुपारी देने के लिए 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। कार्तिक को परिवार से डेढ़ लाख रुपये ही मिले थे। इसके बाद कार्तिक ने मुजफ्फरनगर के एक परिचित से पचास हजार रुपये ब्याज पर लेकर हत्यारोपी को दिए थे। समरजहां की हत्या की साजिश में शामिल कार्तिक गुप्ता और सुपारी लेने वाला बदमाश आपस में व्हाट्सएप कॉल के जरिये संपर्क में रहते थे। घटना से एक दिन पहले सुपारी लेने वाले अपराधी ने कार्तिक गुप्ता को काम को अंजाम देने के लिए आदमी भेजने की बात बता दी थी। इस कारण कार्तिक हत्या की खबर सुनने को आतुर था। 
 
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टीम को 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा
पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने एसपी सिटी श्वेता चौबे की अगुवाई में गठित टीम में शामिल सीओ मसूरी, एसओजी प्रभारी एश्वर्य पाल, नेहरू कालोनी थाना प्रभारी दिलबर सिंह नेगी, जाखन चौकी प्रभारी उमेश कुमार, आशीष रावत, ज्योति प्रसाद उनियाल, एसओजी के उप निरीक्षक यादवेन्द्र बाजवा, कांस्टेबल आशीष, प्रमोद, अमित, अजय, ललित, पंकज, देवेन्द्र, विपिन, रोबिन, कुंवर और पटेलनगर थाने के सिपाही चमन की सराहना की है। उन्हाेंने टीम को 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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