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नैनीताल में वाहनों की तादाद न घटी तो मचेगी बड़ी 'तबाही'

Mon, 27 Aug 2018 05:55 PM IST
गिरीश रंजन तिवारी, अमर उजाला, नैनीताल
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naini lake
नैनीताल की प्राकृतिक संरचना कुछ ऐसी है कि इसमें कंपन से भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यदि यातायात को प्रभावी रूप से नियंत्रित नहीं किया गया तो बड़ा भूस्खलन हो सकता है। माल रोड में जहां सड़क कटी है उसका उपचार भी टुकड़ों में संभव नहीं है। यही कारण है कि इस जगह बीते वर्षों में कई बार मरम्मत की गई लेकिन भूधंसाव जारी रहा।
 
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Nainital
यह मानना है जाने माने वरिष्ठ भूवैज्ञानिक प्रो. चारु चंद्र पंत का। कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभाग के प्रोफेसर पंत ने बताया कि जिस स्थान पर माल रोड धंसी है, वहां ब्रिटिश अधिकारियों ने झील की दीवार बनाई थी। इसमें सीमेंट का प्रयोग नहीं किया गया बल्कि विशेष रूप से कटिंग कर पत्थर लगाए गए थे।
 
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naini lake
झील का स्तर बढ़ने के दौरान पानी का दबाव बढ़ने पर पानी इनके भीतर चला जाता था और बाद में जलस्तर घटने पर वापस झील में आ जाता था। लेकिन इसके साथ थोड़ी मिट्टी भी आ जाती है। इस कारण धीरे-धीरे जमीन खोखली होती गई। अब भूमि लगातार धंस रही है। इसका उपचार सड़क के ऊपर से संभव नहीं है। सतह के नीचे से निर्माण करना होगा।
 

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mall road
उन्होंने बताया कि जहां भूस्खलन हुआ है वहां पर लोअर और अपर माल रोड के बीच बनी दीवार नीचे की ओर से सड़क के अंदर की ओर झुकी हुई है जबकि सब जगह यह झुकाव बाहर की ओर होता है। इसी से दीवार का संतुलन बनता है। यहां दीवार का उल्टा झुकाव इस बात का प्रमाण है कि यहां भीतर जमीन खिसककर खोखली हो चुकी है। 

 
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mall road - फोटो : amar ujala
पंत ने बताया कि आईआईटी रुड़की ने इसके लिए लगभग तीस करोड़ का एक प्रोजेक्ट बनाया है। प्रो. पंत ने बताया कि राजभवन मार्ग की ओर यातायात का दबाव बढ़ना बेहद खतरनाक है। शनि मंदिर के ऊपरी हिस्से में डिग्री कॉलेज के आसपास की चट्टानें कमजोर होने के साथ ही ऐसी हैं जो आपस में जुड़कर बनी हैं।
 
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mall road
यातायात के कंपन से ये जोड़ खुल सकते हैं और यदि ऐसा हो गया तो इस पहाड़ी का बहुत बड़ा हिस्सा झील में समा सकता है जिसके दुष्परिणाम संभाले नहीं संभालेंगे। झील का अस्तित्व भी गंभीर संकट में पड़ सकता है। पंत ने कहा इस जानकारी का मकसद भय फैलाना नहीं बल्कि समय रहते सावधानी बरतने की सलाह देना भर है। लोअर माल रोड की घटना से सबक लेकर सावधानी बरती जाना आवश्यक है।
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