लगातार पहाड़ी इलाकों में हो रही बरसात से उत्तराखंड की नदियों में बाढ़ आ गई है। तस्वीरों में देखें, बरसात का विकराल रूप...
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तस्वीरों में देखें, उत्तराखंड में बरसात का विकराल रूप
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शनिवार (1 अगस्त) सुबह करीब आठ बजे मोहंड रो नदी को पार करने का प्रयास कर रहे सात लोग बीच धारा में फंस गए और ट्रैक्टर नदी में डूब गया। नदी किनारे जमा लोग इन्हें बचाने के लिए कोई मदद नहीं कर सके। तीन घंटे बाद पहुंचे बाढ़ राहत कर्मियों ने क्रेन की मदद से ट्रैक्टर पर सवार लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
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बारिश के चलते हरिद्वार में भी दो-दो जगह पहाड़ियां दरक गई। हरकी पैड़ी के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और एक पेड़ गिर गया। चंडी तिराहे से काली मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भी पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा गिराया। हरकी पैड़ी के ऊपर की ओर मार्ग पर मनसा देवी पहाड़ी से मलबा और पेड़ अचानक कूडे़दान के पास आकर गिरने लगे।
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उधर, रामनगर में एनएच-121 काशीपुर-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे कुमाऊं आदर्श यूनियन की बस (यूके 04पीए0098) मानिला से 30 यात्रियों को लेकर रामनगर के लिए रवाना हुई। रास्ते में धनगढ़ी नाले में तेज बहाव को देखकर चालक मोहन सिंह घबरा गया। बस अनियंत्रित होकर बीच नाले में पलट गई। बस के पलटते ही यात्रियों में कोहराम मच गया।
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पहाड़ी टूटने से सड़क पर मलबा आने से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग बासवाडा में सात घंटे अवरूद्व रहा।
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नीलकंठ मंदिर के समीप मार्ग पर मलबा गिरने से दबी कार को निकालते पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग।
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कालसी-चकराता मोटर मार्ग भी मलबा आने बार-बार बंद हो रहा, मार्ग को खोलने के कार्य में लगी जेसीबी।