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Uttarakhand Weather: चट्टान और पेड़ गिरने से कई प्रमुख हाईवे बंद, मलबे से रास्ते थमे, जगह-जगह फंसे श्रद्धालु

Thu, 06 Aug 2026 12:36 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला न्यूज डेस्क, देहरादून

सार

मौसम विज्ञान केंद्र ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है, जबकि कई जिलों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।
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भूस्खलन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। यमुनोत्री हाईवे से लेकर केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और सिमली-ग्वालदम हाईवे तक कई प्रमुख सड़कें मलबा, चट्टान और पेड़ गिरने से बाधित रहीं। कई स्थानों पर श्रद्धालु और स्थानीय लोग फंस गए, जबकि पिंडरघाटी में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति और बस सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

बड़कोट में रातभर हुई बारिश के बाद यमुनोत्री हाईवे सिलाई बैंड, दुर्बिल बैंड और जंगलचट्टी समेत कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से बंद हो गया। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही रुक गई। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण हाईवे खोलने में भी दिक्कतें आ रही हैं।

कर्णप्रयाग-बेनीताल मोटर मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात ठप हो गया। वहीं लंगासू में एक मकान के पीछे का पुश्ता टूट गया। रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा बाजार में गदेरे के उफान से भारी मात्रा में मलबा केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया, जिससे यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। एनएच विभाग ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर मार्ग दोबारा खोल दिया।

अपडेट:
-यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से बंद, श्रद्धालु फंसे।
-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग तिलवाड़ा में मलबा आने के बाद जेसीबी से साफ कर यातायात बहाल।
-सिमली-ग्वालदम हाईवे आमसौड़ के पास चट्टान खिसकने से पूरी तरह बंद।
-कर्णप्रयाग-बेनीताल मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित।
-पिंडरघाटी में जरूरी सामान की आपूर्ति और बस सेवाएं प्रभावित, कई क्षेत्रों में बिजली भी गुल।
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सड़क पर आया मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिमली-ग्वालदम हाईवे पूरी तरह बंद
वहीं चमोली जिले में बगोली-नलगांव के बीच आमसौड़ के पास चट्टान खिसकने से सिमली-ग्वालदम हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। यहां पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। लगातार बारिश के कारण बीआरओ को सड़क खोलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मलबा साफ करती जेसीबी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिंडरघाटी में दूध, सब्जी जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित
नारायणबगड़ क्षेत्र में हाईवे बंद होने से पिंडरघाटी में दूध, सब्जी जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो गई। लंबी दूरी की बस सेवाएं भी ठप रहीं। गुरुवार सुबह से बिजली आपूर्ति बाधित है, जबकि पिंडर नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।

 

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पानी होटलों तक पहुंचा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा
उधर स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात अब भी सामान्य नहीं हो सके हैं। पिछले एक सप्ताह से कई होटलों की पहली मंजिल तक पानी भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों और कारोबारियों की परेशानियां बनी हुई हैं।

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सड़कें बंद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं अलकनंदा और मंदाकिनी
रुद्रप्रयाग जिले में बुधवार रात से जारी बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह अलकनंदा का जलस्तर 627.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 627.00 मीटर है। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 626.60 मीटर रहा, जबकि इसका खतरे का निशान 626.00 मीटर है। पिछले 24 घंटे में ऊखीमठ में 53.30 मिमी, जखोली में 59.00 मिमी और रुद्रप्रयाग में 16.00 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नगर पालिका और नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को नदी तटों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से नदी के समीप नहीं जाने की अपील की जा रही है।  
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सड़क पर आया मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा बारिश के अत्यंत तीव्र दौर आने की भी आशंका है। इन तीन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बारिश की चेतावनी को देखते हुए लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, पहाड़ी मार्गों पर यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से परहेज करने की अपील की गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 
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