नागा साधु
एक अखाड़े के जाने के बाद घाट की सफाई होती है और तब पुल के उस पार से अगले अखाड़े को भेजा जाता है। हुआ यूं कि निरंजनी अखाड़े के हजारों नागाओं को स्नान में देरी हो गई। उधर जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़ों का समय शुरू हो गया। इस पर तमाम नागा बिफर उठे और भारी फोर्स भी उन्हें रोक पाने में नाकाम हो गई।