संत दिगंबर दिवाकर भारती
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अखाड़ों के नागाओं ने भी कई बार उन राजाओं की सेना के साथ अत्याचारी मुगलों के खिलाफ युद्धों में भाग लिया। इतिहास में वर्णन मिलता है कि नागाओं ने पानीपत के रण में सम्राट पृथ्वीराज चौहान के साथ महमूद गजनवी के खिलाफ युद्ध लड़ा। बाद में यही राजा-महाराजा संन्यासियों के अखाड़ों को हाथी, घोड़े, रथ, शस्त्र, हीरा माणिक का जखीरा दान में देते थे।