हरिद्वार-रुडकी हाईवे पर प्रेमनगर आश्रम पुल के समीप निर्माणाधीन फ्लाईओवर की सरिया शरीर में घुसने से एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। तस्वीरें इतनी दर्दनाक हैं कि आपका दिल दहल जाएगा। माना जा रहा है कि तेज गति में रहे पुलिसकर्मी की मोटरसाइकिल सीधे छोटी नहर में जा गिरी होगी। पुलिसकर्मी की मौत से महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन
2 of 6
accident
रोशनाबाद पुलिस लाइन में तैनात सशस्त्र पुलिस के सिपाही अभिषेक कठैत (28) इन दिनों मातृ सदन संस्था के प्रमुख स्वामी
शिवानंद सरस्वती की सुरक्षा में तैनात था। बृहस्पतिवार देर रात वह आश्रम से अपनी पल्सर मोटरसाइकिल पर एक दोस्त से
मिलने की बात कहकर निकला था।
विज्ञापन
3 of 6
accident
शुक्रवार सुबह गंगनहर पटरी पर घूमने निकले शहरवासियों ने गंगनहर से निकल रही छोटी नहर में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के सरिये में एक शव फंसा देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर एसओ कनखल नत्थीलाल उनियाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर शव के पास ही मोटरसाइकिल पड़ी थी और नीचे जूते भी पड़े थे। युवक की जेब से मिले पर्स से उसका परिचय पत्र बरामद हुआ।
4 of 6
file photo
पुलिसकर्मी की मौत की सूचना मिलते ही आला अफसर भी घटनास्थल पर पहुंच गए। शव को पुलिस ने मोरचरी भेजा।
थानाध्यक्ष नत्थीलाल ने बताया कि जेब से मोबाइल फोन, नगदी, एटीएम कार्ड भी बरामद हुआ है। बताया कि संभवत: मृतक
सिंहद्वार चौक की तरफ से आ रहा था, लेकिन तेज गति में होने से प्रेमनगर आश्रम पुल से पहले मोड़ पर नीचे छोटी नहर में
जा गिरा। अंधेरा होने से रात भर उसे कोई देख नहीं सका। (file photo)
विज्ञापन
5 of 6
accident
सिपाही मूल रूप से टिहरी के घनसाली का रहने वाला था और फिलहाल उसका परिवार भानियावाला देहरादून में रहता है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंपा गया है। शिवानंद की सुरक्षा से पहले पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी की सुरक्षा में भी वह तैनात रहा था। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर मृतक के पिता को ढांढस बंधाया।
जिला अस्पताल में मौजूद पिता बचन सिंह कठैत विलाप में डूबे रहे। हर कोई उन्हें संभालता रहा। वर्ष 2012 में उत्तराखंड
पुलिस का हिस्सा बने दिवंगत अभिषेक कठैत के दो बड़े भाई शिक्षक है और चौथे नंबर का भाई अभी पढ़ाई ही कर रहा है।
बकौल पिता की दो दिन पूर्व ही वह घर आया था। उसकी शादी के सपने भी संजोए जा रहे थे। कई रिश्ते आ रहे थे, जल्द ही
उनकी बात फाइनल होनी थी। पर, भगवान को यह सब मंजूर ही नहीं था।