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एक नजर में जानिए क्या है E-Way Bill और इसके फायदे-नुकसान

Mon, 05 Feb 2018 06:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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एक फरवरी से ई-वे बिल सिस्टम लागू हो गया है। बिजनेस एक्सपर्ट से जानते हैं इस बिल के फायदे और नुकसान।

 
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transporters - फोटो : अमर उजाला
​बिजनेस एक्सपर्ट रोहन गुप्ता ने अमर उजाला को बताया कि इस बिल के तहत अब टैक्स पेयर्स और ट्रांसपोर्टरों को किसी भी टैक्स ऑफिस या चेक पोस्ट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 
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prime minister narendra modi
बजट के साथ सरकार ने  ई-वे बिल सिस्टम लागू कर दिया है। इसके लागू होने के बाद हर राज्य के लिए अलग-अलग ट्रांसपोर्ट पास की जरूरत नहीं होगी। दरअसल इस प्रणाली में ई-बिल के माध्यम से देश भर में सामान ले जाने वाले वाहन वैध होंगे।
 

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- फोटो : amar ujala
जीएसटी नेटवर्क की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि हर राज्य में 10 किलोमीटर अंदर प्रवेश करने वाले वाहन जिसमें 50,000 रुपये या उससे अधिक के मूल्य के सामान हैं, उसके लिए एक फरवरी 2018 ई-वे बिल जरूरी हो गया है।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ई-वे बिल सिस्टम के तहत अब टैक्स पेयर्स और ट्रांसपोर्टरों को किसी भी टैक्स ऑफिस या चेक पोस्ट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिक तैयार किया जा सकता है। ऐसे में खुद से पैसे कट जाएंगे।
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अभी स्थिति यह थी कि कारोबारी अपने माले की कंसाइनमेंट राज्य के भीतर या राज्य से बाहर भेजता है, तो कई बार केंद्रीय व राज्य सरकारों के तहत आने वाले सेल्स टेक्स, एक्साइज टैक्स के अफसर व इंसपेक्टर रोक लेते थे।

 
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ई वे बिल - फोटो : SOCIAL MEDIA
इस प्रणाली के लागू होने के बाद यदि अफसर ने माल लदे वाहन को आधे घंटे से ज्यादा रोका तो उसे जवाब देना होगा। अफसर को ऑनलाइन डिटेनशन आर्डर देकर बताना होगा कि उसने संबंधी कंसाइनमेंट क्यों रोका, उसके बाद उसने क्या दस्तावेज चेक किए, कब तक अपनी तफ्तीश जारी रखी, उस तफ्तीश का नतीजा क्या निकला।

 
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ई वे बिल - फोटो : SOCIAL MEDIA
ई-वे बिल से पहले इस सिस्टम में रजिस्टर्ड होना जरुरी है। टैक्स इनवायस, बिक्री बिल, डिलिवरी चालान व वाहन की जानकारी देनी होगी। वहीं, वेब सिस्टम, बल्क अपलोड सुविधा, एसएमएस, एंड्रॉइड ऐप, साइट टू साइट इंट्रीगेशन सिस्टम, माल व सेवा कर सुविधा प्रोवाइडर के जरिए ई-वे बिल जनरेट होगा।  ई-वे बिल के पार्ट बी में वाहन की जानकारी दर्ज करनी होगी। ई-वे बिल के पार्ट ए में कोई बदलाव नहीं हो सकता। पार्ट बी को ही अपडेट कर वाहन की जानकारी दे सकते हैं। 
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