ई वे बिल
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ई-वे बिल से पहले इस सिस्टम में रजिस्टर्ड होना जरुरी है। टैक्स इनवायस, बिक्री बिल, डिलिवरी चालान व वाहन की जानकारी देनी होगी। वहीं, वेब सिस्टम, बल्क अपलोड सुविधा, एसएमएस, एंड्रॉइड ऐप, साइट टू साइट इंट्रीगेशन सिस्टम, माल व सेवा कर सुविधा प्रोवाइडर के जरिए ई-वे बिल जनरेट होगा। ई-वे बिल के पार्ट बी में वाहन की जानकारी दर्ज करनी होगी। ई-वे बिल के पार्ट ए में कोई बदलाव नहीं हो सकता। पार्ट बी को ही अपडेट कर वाहन की जानकारी दे सकते हैं।