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इन रास्तों से जान हथेली पर रखकर अपनी दुल्हनिया लेने बरात लेकर पहुंचा दूल्हा, देखिए...

Thu, 18 Apr 2019 06:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जोशीमठ
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नदी पार कर बरात लेकर जाता दूल्हा - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के इस गांव में जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है। चमोली जिले के जोशीमठ में उर्गम घाटी के अरोसी गांव के ग्रामीण कल्पगंगा पर पुल न होने के कारण इसी तरह से वहां आवाजाही करने को मजबूर हैं। 
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आपदा में बहा रास्ता - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को जोशीमठ के सुनील गांव से अरोसी गांव गई बरात भी दूल्हे सहित कल्पगंगा में जान जोखिम में डालकर दुल्हन लेने पहुंची। दरअसल, जून 2013 की आपदा के दौरान खवाला नामक स्थान पर कल्पगंगा में पैदल पुल बह गया था। 
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आपदा में बहा रास्ता - फोटो : अमर उजाला
यह पुल आज तक नहीं बना है। यहां ग्रामीणों ने स्वयं के संसाधनों से एक लकड़ी की पुलिया निर्मित की थी, लेकिन बरसात में पुलिया भी बह गई जिससे घाटी के पिलखी, भेंट, भर्की और अरोसी गांव के ग्रामीण नदी से आवाजाही करने को मजबूर हैं। 

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आपदा में बहा रास्ता - फोटो : अमर उजाला
प्रधान संगठन के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी का कहना है कि कई बार शासन-प्रशासन से पुल निर्माण की मांग उठाई, लेकिन आज तक पुल नहीं बना है। ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
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आपदा में बहा रास्ता - फोटो : अमर उजाला
इधर, लोनिवि के ईई धन सिंह रावत का कहना है कि खवाला में पैदल पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। 
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