चमोली में 64वें औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेले का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत।
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गौचर में सीएम ने 'गला खोला', कही 'दिल की बात'
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गौचर मेले में अपने संबोधन में सीएम हरीश रावत ने पहाड़ के पलायन की पीड़ा को छुआ।
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गौचर में सीएम ने 'गला खोला', कही 'दिल की बात'
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सीएम ने कहा, पहले पहाड़ के देवता नाराज होकर प्रवासियों को गांव बुलाते थे, लेकिन अब देवताओं ने नाराज होना बंद कर दिया है, जिसके लिए नई जागर तैयार करनी पड़ेगी।
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यही नहीं उन्होंने पहाड़ में नौकरी न करने के इच्छुक लोगों पर तंज भी कसे।
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चाचा नेहरू की जयंती पर एक कुशल अभिभावक के रूप में दिखे सीएम। इस दौरान सीएम ने गले में दर्द से निजात पाने के लिए हमेशा लगे रहने वाले नेक कॉलर को उतारा।
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रावत ने नेहरू को आधुनिक भारत का जन्मदाता बताया तो कृषि और उत्पादन क्षेत्र को प्रदेश की आर्थिक स्थिति की रीढ़।
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सीएम ने गौचर और जौलजीबी दो ऐतिहासिक राज्य स्तरीय मेलों को राजकीय मेलों का दर्जा देने की घोषणा की।