अपने चार वर्षीय छोटे भाई राघव के लिए गुलदार से भिड़ने वाली बहादुर बिटिया राखी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली की ओर से वर्ष 2019 के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए राखी का चयन किया गया है। राखी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उसे सम्मानित करेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
पौड़ी जिले की ग्राम देव कुंडई निवासी 11 वर्षीय राखी रावत पुत्री दलवीर सिंह रावत चार अक्तूबर 2019 को अपने चार साल के भाई राघव व मां के साथ खेत गई थी। लौटते वक्त राखी भाई के साथ आगे-आगे चल रही थी और मां शालिनी देवी पीछे थीं। तभी गुलदार ने राखी के भाई पर हमला कर दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
गुलदार से बचाने के लिए राखी अपने भाई से लिपट गई। गुलदार के पंजों और नाखूनों से लहूलुहान होने के बावजूद राखी ने भाई को नहीं छोड़ा। इतने में पीछे आ रही मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर गुलदार भा गया। इसके बाद राखी का कई अस्पतालों में इलाज हुआ। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
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- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ने सात अक्तूबर को बच्ची की बहादुरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अमर उजाला ने ही उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा किसी भी बच्चे का नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नहीं भेजने पर सवाल खड़ा किया था। तब परिषद ने राखी का नाम पुरस्कार के लिए परिषद को भेज दिया था।
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- फोटो : अमर उजाला
राखी के वर्ष 2019 के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चयन पर उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ.आईएस पॉल, महासचिव पुष्पा मानस, उपाध्यक्ष मधु बेरी, सयुंक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने खुशी जताई है।
वह अपने गांव के नजदीक राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरकंडाई में कक्षा पांच की छात्रा है। उसने हर वर्ष अपनी कक्षा प्रथम श्रेणी में पास की है। अब बहादुर बच्ची राखी रावत दिल्ली के अच्छे स्कूल में शिक्षा लेने के बाद सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती है।