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कैसे चार महीने में पहाड़ की हो गई ये जर्मन बेटी, देखिए तस्वीरें

Thu, 24 Dec 2015 05:00 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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चार महिने में इस जर्मन बेटी पर उत्तराखंड की संस्कृति का ऐसा जादू चला की वह यहीं की हो गई। सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (एसबीपीएस) में दूसरे वार्षिकोत्सव की महफिल जर्मन छात्रा कैटी ने गढ़वाली गीत गाकर लूट ली। कैटी के गीत पर बच्चों से लेकर बड़े तक झूमते नजर आए। वार्षिकोत्सव कार्यक्रम पूरी तरह से देश की संस्कृतियों का संगम बन गया।
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बुधवार को सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल के दूसरे वार्षिकोत्सव का शुभारंभ मेयर विनोद चमोली, लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी, पॉलिगन और सोशल ग्रुप के चेयरमैन केएस पंवार, एमडी डीएस पंवार, बलूनी ग्रुप के एमडी विपिन बलूनी ने दीप जलाकर किया।
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कार्यक्रम की आकर्षण 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली जर्मन छात्रा कैटी रही। कैटी ने ठेठ पहाड़ी अंदाज में गढ़वाली गीत ‘घुघुती घुरौण लगी म्यारा मैत की’ गीत गाया तो सब हैरान रह गए।

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वार्षिकोत्सव में आए बच्चों के दादा-दादी ने उड़े जब-जब जुल्फें तेरी... पर ठुमके लगाए तो उनके परिजनों और बच्चों ने खूब तालियां बजाई। वार्षिकोत्सव में अभिभावकों को तोहफे में अरसे दिए गए। स्कूल के एमडी विपिन बलूनी ने बताया कि लोगों को उनके गांव और पहाड़ की संस्कृति से जोड़े रखने के लिए यह शुरुआत की गई है।
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यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आई जर्मन छात्रा कैटी सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, कोटद्वार में 10वीं की छात्रा है। करीब चार महीने पहले वह उत्तराखंड आई थी। इतने कम समय में कैटी ने न केवल यहां की बोली अच्छी तरह से सीख ली बल्कि यहां की संस्कृति की भी मुरीद हो गईं।
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कैटी ने बताया कि उन्हें दाल-भात बेहद पसंद है। वह करीब चार माह और यहां रहेंगी लेकिन यहां के भाषा-संस्कृति हमेशा उनके जीवन का हिस्सा रहेगी। कैटी न केवल गढ़वाली बल्कि हिंदी भी काफी अच्छी तरह से बोलती हैं।
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