उत्तराखंड की राजधानी देहरादून भारत के उन 30 शहरों में से एक है जहां चेशायर होम स्थापित हैं। चेशायर होम्स वैश्विक हिंसा के पश्चाताप घर की तरह हैं, जिनमें मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग लोगों की सेवा की जाती है। दून स्कूल से कुछ ही दूरी पर स्थित चेशायर होम में दिव्यांगों का अनूठा परिवार रहता है। कोई पूरी तरह समझ नहीं पाता, कोई चल नहीं पाता, कोई बोल नहीं पाता तो कोई ठीक से देख नहीं पाता। किसी के हाथ सलामत नहीं हैं। लेकिन प्यार और सेवा का अदृश्य धागा इन दिव्यांगों को एक-दूसरे से जोड़े रखता है। चेशायर होम बिना किसी सरकारी मदद के समाज के लिए कुछ कर गुजरने के लिए संकल्पित लोगों की सेवा भाव से ही चलता है। कई लोग गुप्त दानी हैं। अपने नाम का जिक्र तक पसंद नहीं करते। लेकिन आप सामने आकर भी इस संस्था को मदद करना चाहते हैं तो राशन, कपड़े, रुपये से कर सकते हैं।