marriage in rishikesh
रशियन जोड़े को देखने लग गया लोगों का जमावड़ा
रशियन जोड़े ने सात समंदर पार आकर विदेशी जोड़े ने सात फेरे लिए तो देखने वालों का भी जमावड़ा लग गया। परमार्थ निकेतन आश्रम गंगा तट पर वैदिक विधि विधान के साथ रूस के सोची शहर से आए रशियन जोड़ा हिंदू रीति रिवाज के साथ विवाह बंधन में बंध गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने वर रुस्लान और वधु वेलोवाइवा को सुख, शांति व समृद्ध जीवन का आशीर्वाद दिया और रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया।
बताया गया कि इस दौरान वर-वधु को एक ही माला पहनाकर दो शरीर एक प्राण की तरह जीने का संदेश दिया गया। आश्रम की ओर से बताया गया कि विवाह के लिए परमार्थ गंगातट पर इस जोड़े को भारतीय संस्कृति और संस्कारों की महिमा खींच लाई। भौतिकता से दूर आध्यात्मिक वातावरण में वेदमंत्रों के साथ रुस्लान और वेलोवाइवा ने सात फेरे लेकर रूस की संस्कृति के साथ भारत की संस्कृति को भी आत्मसात किया।