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आपदा के डर से रातभर जागा रहा पूरा गांव, बादल फटने के दो दिन बाद भी ऐसे हैं हालात, तस्वीरें

Mon, 09 Sep 2019 08:42 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के नाचनी में शुक्रवार देर रात को हुई भारी बारिश ने जो तबाही मचाई उसके निशां आज भी दिख रहे हैं। आपदा के खौफ से पूरा गांव रात भर जागता रहा। लोगों में पल-पल फिर से सैलाब आने की दहशत बनी रही। 
 
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- फोटो : अमर उजाला
रविवार को तल्ला भैंसकोट के 28 परिवारों ने प्राथमिक स्कूल में शरण ली। गांव में 3 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। 15 मकान रहने लायक नहीं है। गांव को जोड़ने वाले 7 आरसीसी पुल भी बह गए हैं। 

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- फोटो : अमर उजाला
पेयजल की लाइनें भी ध्वस्त हो गई हैं। लोगों को खतरे भरे रास्ते नापकर पानी लाना पड़ रहा है। वह पानी भी दूषित है। थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया में दूसरे दिन भी बंद है। इससे लोगों को आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, डीएम ने 9 से 11 सितंबर तक मुनस्यारी और धारचूला के स्कूल बंद करने के निर्देश दिए हैं। 

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- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि खबरिया नाला उफान पर आने से भैंसखाल का पंचायत घर बह गया। कई पेयजल योजनाएं, सिंचाई गूल और चेकडैम बह गए हैं। राया-बजेता सड़क में तल्ला भैंसकोट के गधेरे में बने मोटर पुल के दोनों छोर बह गए हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
सार्वजनिक शौचालय, पेयजल टैंक ध्वस्त हो गया है। दो कंकरीट पुल, एक घराट बह गया है। डीएम वीके जोगदंडे और दर्जा राज्यमंत्री शमशेर सत्याल ने आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।
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- फोटो : अमर उजाला
थल-मुनस्यारी सड़क 60 मीटर हिस्से में ध्वस्त हो गई है। तमाम आंतरिक सड़कें मलबा आने से बंद हो र्गइं हैं। खतरे की जद में आए सात परिवारों ने घर छोड़ दिए हैं। बाथी गांव में दो मकान ध्वस्त हो गए और चार मवेशी मलबे में दब गए। 
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