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कुदरत का कहर: अतिवृष्टि से दो मंजिला घर का मिटा नामोनिशान, ऊपर से बह रहा पानी, पांच लोगों के दबे होने की आशंका

Sun, 21 Aug 2022 10:21 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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बांदल घाटी में दो मंजिला मकान ढहा - फोटो : अमर उजाला
देहरादून की बांदल घाटी में सरखेत के अंतिम छोर पर जहां अतिवृष्टि हुई, वहां दो मंजिला घर पूरी तरह मलबे के नीचे दब गया। इसमें पांच लोगों के दबे होने की आशंका है। इसके ऊपर अतिवृष्टि से बने गदेरे का पानी तेज गति से बह रहा है, जिससे घर का नामोनिशान नहीं मिल पा रहा है।

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नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम रविवार को कटर और दूसरे उपकरणों से जमीन काटकर घर का पता लगाने में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। एनडीआरएफ ने जिला प्रशासन से घटनास्थल तक किसी तरह रास्ता बनाकर खोदाई के लिए पोकलेन मशीन पहुंचाने का अनुरोध किया है।

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सरखेत के बिजेंद्र, कमान, गोपाल सिंह, रणजीत सिंह ने बताया कि जगमोहन और दिनेश दोनों भाई हैं। सरखेत में उनके दोमंजिला घर आसपास थे। घटना वाली रात तेजी से पानी के साथ आए मलबे में एक मकान पूरी तरह दब गया।
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बांदल घाटी में बारिश के बाद तबाही - फोटो : अमर उजाला
दूसरे की एक मंजिल नीचे दब गई। जिन्हें मौका मिल सका, उन्होंने बचने की कोशिश की। दिनेश, उनकी पत्नी सुनीता, बच्चे और मां सोन देई, रमेश सिंह किसी तरह बच निकले। दिनेश, सुनीता और सोन देई को घायल अवस्था में मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बांदल घाटी में बारिश के बाद तबाही - फोटो : अमर उजाला
जबकि, रमेश का 15 वर्षीय बेटा विशाल, दिनेश के भाई जगमोहन सिंह, जैंत्वाड़ी टिहरी गढ़वाल से घटना के दिन ही आए उनके साढ़ू राजेंद्र राणा, राजेंद्र की पत्नी अनीता, रमेश के साले सुरेंद्र लापता हो गए। उनका अब तक पता नहीं चल सका।

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बांदल घाटी में बारिश के बाद तबाही - फोटो : अमर उजाला
वहीं, शुक्रवार रात को मूसलाधार बारिश के चलते जिले भर में हुई भारी तबाही के दो दिन बाद भी मालदेवता सरखेत समेत जिले की क्षतिग्रस्त 34 सड़कों की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाया है। कई मार्गों से मलबा तक नहीं हटाए जाने से लोगों को तो आवाजाही में परेशानी हो ही रही है।
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बांदल घाटी में बारिश के बाद तबाही - फोटो : अमर उजाला
साथ ही राहत एवं बचाव कार्य में भी दिक्कत हो रही है। आपदा के बाद कई गांव ऐसे हैं, जिनका मुख्य मार्गों से संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता सीएम पांडे ने विभागीय इंजीनियरों संग क्षतिग्रस्त पुलों के साथ टूटी सड़कों का जायजा लिया। उन्होंने सड़कों की मरम्मत का अभियान और तेज करने के आदेश दिए हैं।
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