इसमें पावर कारपोरेशन, जीएमवीएन जैसे विभाग भी शामिल हैं, जिनके कर्मचारियों का लंबे समय से पीएफ जमा ही नहीं हुआ है। पावर कारपोरेशन के ठेके के कर्मचारियों का वर्ष 2004 से 2016 तक का पीएफ ही जमा नहीं हुआ है। मंगलवार को एक कंपनी ने रेड कर इसकी शुरुआत कर दी गई है।