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E way bill लागू होने के बाद होंगे यह बदलाव, कोई भी परेशानी हो तो बस यहां फोन मिलाइए

Sat, 14 Apr 2018 12:37 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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ई वे बिल - फोटो : SOCIAL MEDIA
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में राज्य से बाहर माल परिवहन के लिए आधी रात से ई-वे बिल लागू हो जाएगा। प्रदेश के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान तक माल ले जाने के लिए ई-वे बिल अनिवार्य नहीं है।
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ई-वे बिल को लेकर व्यापारियों व ट्रांसपोर्टरों की दिक्कतों को दूर करने के लिए देहरादून राज्य कर मुख्यालय समेत हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर में हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। इनमें 24 घंटे की सेवा उपलब्ध होगी। रविवार से सभी हेल्प डेस्क शुरू हो जाएंगे। इसके लिए अधिकारियों की रोस्टर के आधार पर ड्यूटी तय की जाएगी। टोल फ्री नंबर 18002742277 पर भी व्यापारी व ट्रांसपोर्टर ई-वे बिल से संबंधित समस्याओं का हल जान सकते हैं।
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ई वे बिल - फोटो : SOCIAL MEDIA
वित्त विभाग की ओर से उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम के तहत ई-वे बिल लागू करने की अधिसूचना जारी की गई। अब बाहर से आने वाले माल और उत्तराखंड से दूसरे राज्यों में जाने वाले माल के लिए ई-वे बिल जनरेट करना अनिवार्य होगा। बिना ई-वे बिल के माल ट्रांसपोर्ट करने पर व्यापारियों को पेनल्टी देनी पड़ेगी। राज्य कर विभाग ने ई-वे बिल से संबंधित समस्याओं के लिए देहरादून, हरिद्वार व रुद्रपुर में हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। जिसमें 24 घंटे की सेवा उपलब्ध होगी।

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डेमाे पिक
अपर आयुक्त राज्य कर पीयूष कुमार ने बताया कि जीएसटी परिषद ने एक अप्रैल से पूरे देश में ई-वे बिल लागू किया है। उत्तराखंड राज्य में भी आधी रात से ई-वे बिल प्रणाली लागू हो गई। इससे कोई भी व्यापारी व ट्रांसपोर्टर बिना ई-वे बिल के राज्य से बाहर माल परिवहन नहीं करेगा।
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टैक्स चोरी
टैक्स चोरी रोकने के लिए राज्य कर विभाग के अधिकारी सीमावर्ती चेक पोस्टों पर ई-वे बिल के अनुसार माल की चेकिंग करेंगे। इसके लिए विभाग ने 19 मोबाइल टीमें गठित की हैं। जीएसटी काउंसिल ने फिलहाल राज्य के अंदर माल परिवहन करने के लिए ई-वे बिल में राहत दी है, लेकिन माल परिवहन करते समय ट्रांसपोर्टर को माल के कागजात साथ में रखने होंगे।
 
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GST
ई-वे बिल लागू होने के बाद पूरे प्रदेश में राज्य कर विभाग के अधिकारी चेक पोस्टों पर माल की सघन चेकिंग करेंगे। बिना बिल के माल ट्रांसपोर्ट करने पर व्यापारियों के साथ ही ट्रांसपोर्टर के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। राज्य कर विभाग की 19 मोबाइल टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में बाहर से आने-जाने वाले सामान की तलाशी लेंगे। विभाग की ओर से मुख्य कर अधिकारियों को आनलाइन ई-वे बिल की चेकिंग करने के लिए लैपटाप दिए गए हैं।
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