फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केरल की तरह उत्तराखंड में भी बाढ़ जैसे हालात, तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर

Tue, 14 Aug 2018 10:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 11
flood - फोटो : amar ujala
केरल की तरह सोमवार को उत्तराखंड में भी बाढ़ जैसे हालात हो गए। दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने जमकर आफत बरसाई है।
विज्ञापन

2 of 11
rain
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर पेड़ की चपेट में आने से लोहाघाट के मल्ला बापरू की भागीरथी देवी (52) की मौत हो गई। खटीमा के पकड़िया क्षेत्र में खकरा नाले में बहने से पीलीभीत के ग्राम जमुनिया माधोटांडा निवासी ऐबरन लाल (50) की जान गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश का चेतावनी जारी की है। नानकमत्ता बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।

 
विज्ञापन

3 of 11
बारिश से उफान पर किरोड़ा नाला - फोटो : amar ujala
टनकपुर में किरोड़ा और बाटनागाड़ नालों के उफान में आने से पूर्णागिरि मार्ग घंटों बंद रहा। किरोड़ा नाले को पार करते समय नायकगोठ निवासी रोहित जोशी स्कूटी के साथ बह गया। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने उसे बचा लिया। उधमसिंह नगर में बाढ़ जैसे हालात हैं। खटीमा में लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। नानकमत्ता विधायक प्रेम सिंह राणा ने भी नाव से पहुंचकर थाने का निरीक्षण किया। ऊधमसिंह नगर में ड्रोन कैमरे से नानक सागर बैराज के जल स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। नानकमत्ता में देवहा के उफनाने से कच्चे झाले धराशायी हो गए। बनबसा के मझगांव में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। लोगों के घर जलमग्न हो गए हैं।

4 of 11
highway
मलबा के चलते टनकपुर-चंपावत हाईवे समेत कुमाऊं में 46 सड़कें बंद हैं। इनमें चंपावत में 19, पिथौरागढ़ में 12, बागेश्वर में 7, नैनीताल में 5 और अल्मोड़ा में तीन सड़कें शामिल हैं। टनकपुर-चंपावत एनएच के बंद होने से रविवार से डेढ़ सौ से ज्यादा यात्री और वाहन सूखीढांग में फंसे हुए हैं। सोमवार को भी टनकपुर से पहाड़ी मार्गों के लिए वाहनों का संचालन ठप रहा। रोडवेज की कुछ बसों को वाया हल्द्वानी, लोहाघाट और पिथौरागढ़ भेजा गया। शारदा बैराज से दूसरे दिन भी वाहन का संचालन बंद रहा। 
विज्ञापन

5 of 11
river
मुनस्यारी के मंसूरीकांठा लाछुली में रामगंगा पर बने पुल का पिलर ध्वस्त हो गया। इसके चलते पुल से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यह पुल पिथौरागढ़ और बागेश्वर जोड़ता है। हल्द्वानी में शहर की तमाम सड़कें जलमग्न हो गईं। गौला का जलस्तर 2961 क्यूसेक से बढ़कर 4404 क्यूसेक पहुंच गया।
विज्ञापन

6 of 11
flood
ऋषिकेश तहसील के अंतर्गत सौंग नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद गौहरीमाफी में बाढ़ से गंभीर हालत हैं। नदी पार रहने वाले करीब 150 परिवारों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई। सोमवार को डीएम एसए मुरुगेशन ने गौहरीमाफी क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रभावितों के लिए राहत सामग्री और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
विज्ञापन

7 of 11
flood
डीएम ने गौहरीमाफी गांव का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। साथ ही प्रभावित परिवारों से उनकी समस्याओं को सुना। डीएम ने गांव के विद्यालय में बनाए गए राहत केंद्र में प्रभावितों के रहन, खाने, पेयजल, चिकित्सा आदि तमाम व्यवस्थाओं के साथ जरूरी के अनुसार खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।  मुख्य चिकित्साधिकारी को क्षेत्र में नियमित रूप से आवश्यक दवाइयों सहित मेडिकल टीम तैनात करने को कहा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग को आर-पार जाने को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।  जिला पूर्ति अधिकारी को पर्याप्त खाद्य सामग्री, मोमबत्ती, गैस, मिट्टी तेल आदि खाद्य सामग्री समुचित मात्रा में उपलब्ध को कहा गया। 

8 of 11
ganga
रविवार की देर रात हुई मूसलाधार बारिश रुड़की शहर से देहात तक लोगों पर भारी पड़ी। खादर क्षेत्र में सोलानी और गंगा उफान पर आ गई। खतरे के निशान को छूकर बह रही गंगा ने कई जगहों पर तटबंध में कटाव करना शुरू कर दिया है। जिससे तटबंधों के कमजोर होने का और बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्र के गोवार्धनपुर गांव में बाढ़ के हालत बने हैं। लक्सर के रजबपुर में आकाशीय बिजली गिरने से मकान ध्वस्त हो गया। जबकि कुआखेड़ा में पशुशाला ढह गई। जिसमें छह पशु घायल हो गए और परिवार के लोग हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे। मंगलौर समेत तमाम देहात क्षेत्रों में सड़कें, गली, मोहल्ले तालाब में तब्दील हो गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। 

9 of 11
rain
भारी बारिश के चलते भगवानपुर व शाहपुर गांव के अनेक घरों में पानी घुस गया। जलभराव से पैदा हुए हालात से ग्रामीण दिनभर जूझते रहे। आवासीय क्षेत्रों के अलावा थाना, अस्पताल, ब्लाक दफ्तर समेत कई अन्य सरकारी कार्यालय में भी जलभराव की समस्या बनी रही। शिक्षण संस्थाओं भी बारिश के बाद पैदा हुए हालात से अछूते नहीं रहे। 

10 of 11
highway
बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में दूसरे दिन भी अवरुद्ध रहा। 244 उत्साही तीर्थयात्री तीन किमी पैदल चलकर बदरीनाथ पहुंचे। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे सहित आठ संपर्क मार्ग बंद हैं। टिहरी जिले में ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे, चंबा-मसूरी मोटर मार्ग आठ घंटे बंद रहा। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली 17 सड़कें भी बंद पड़ी हैं। भिलंगना ब्लॉक के देवताधार में एक मकान के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
विज्ञापन

11 of 11
land slide
केदारनाथ में मंदाकिनी व सरस्वती नदी उफान पर है। एसपी ने केदारनाथ पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं चमोली जिले की 18 सड़कें अवरुद्ध हैं। पोखरी में जीआईसी गोदली भू-धंसाव की चपेट में आ गया है। रुद्रप्रयाग जिले में सात और पौड़ी में 15 मोटर मार्ग अवरुद्ध हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें