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ये क्या? यहां तलाशी जा रही है 'ड्रग्स' लेकिन इस बड़ी बात से हम अभी तक हैं अनजान

Sat, 03 Feb 2018 08:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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नशा - फोटो : demo pics
यहां ड्रग्स की तलाश की जा रही है और हम इन सबसे अभी तक बेखबर है। आगे पढ़िए पूरी खबर..
 
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ड्रग्स - फोटो : डेमो फोटो
देश में नशे के जहरीले कारोबार के अड्डों की खोज को सर्वेक्षण अभियान चलेगा। समाज कल्याण विभाग को सर्वेक्षण का नोडल एजेंसी बनाया गया है। विभागीय स्तर पर प्रदेश में नशे के कारोबार और नशे से होने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी ली जाएगी।
 
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drugs
अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह के मुताबिक, सर्वेक्षण का उद्देश्य नशे के कारोबार को हतोत्साहित करना है और इसकी जद से युवाओं को बचाना है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर इससे निपटने की रणनीति बनाई जाएगी।

 

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अभी तक स्वास्थ्य विभाग नोडल एजेंसी था। लेकिन केंद्र सरकार ने यह जिम्मेदारी अब समाज कल्याण विभाग को दी है। केंद्र में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सभी प्रदेशों को सर्वेक्षण करने के लिए कहा है। सर्वे के लिए विभाग नोडल अफसरों की तैनाती करेगा और भारत सरकार की टीम के साथ समन्वय करके सर्वेक्षण का कार्य पूरा होगा। सर्वे में ये देखा जाएगा कि इसकी चपेट में किस आयु वर्ग के लोग आ रहे हैं।

 
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उन तक नशे की सामग्री पहुंचाने का क्या नेटवर्क है। इस नेटवर्क के तार कहां तक जुड़े हैं? इसकी रोकथाम और नशे के शिकार लोगों का इलाज कर उन्हें सामान्य जीवन की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रदेश सरकार के स्तर पर क्या-क्या उपाय हो सकते हैं, इन सारे सवालों का जवाब सर्वे के माध्यम से लिए जाएंगे।

 
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हर साल 600 से ज्यादा मामले
प्रदेश में औसतन 600 से ज्यादा पंजीकृत मामले सामने आए हैं। मगर नशे का कारोबार काफी फैला हुआ है। विशेषतौर पर देहरादून, यूएसनगर, हरिद्वार, नैनीताल जनपदों में स्थिति ज्यादा गंभीर है। नशे के कारोबारियों ने कथित तौर पर छात्रों और युवाओं को निशाना बनाया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2016 में गांजा, हशीश, हीरोइन, अफीम और ड्रग्स के 629 मामलों में 667 गिरफ्तारियां की।   

 
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trivendra singh rawat
मुख्यमंत्री का भी एजेंडा
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के साथ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का नशीली वस्तुओं के अवैध कारोबार पर चोट करने का एलान है। इस संबंध में विभिन्न समीक्षा बैठकों के दौरान उन्होंने शासन के अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं।

 
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trivendra singh rawat
समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग बनाए जाने के बाद अब केंद्र सरकार के सहयोग से सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वे के लिए निदेशक समाज कल्याण को नोडल अफसर बनाया गया है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर नशे के कारोबार को रोकने और उसकी लत से लोगों को बचाने के उपाय किए जाएंगे। -डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव, (समाज कल्याण)
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