हर साल 600 से ज्यादा मामले
प्रदेश में औसतन 600 से ज्यादा पंजीकृत मामले सामने आए हैं। मगर नशे का कारोबार काफी फैला हुआ है। विशेषतौर पर देहरादून, यूएसनगर, हरिद्वार, नैनीताल जनपदों में स्थिति ज्यादा गंभीर है। नशे के कारोबारियों ने कथित तौर पर छात्रों और युवाओं को निशाना बनाया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2016 में गांजा, हशीश, हीरोइन, अफीम और ड्रग्स के 629 मामलों में 667 गिरफ्तारियां की।